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शवों की अदला-बदली मामले में डॉक्टरों के बयान दर्ज
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अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल में शवों की अदला-बदली के मामले में दोनों परिवारों के बयान कलमबंद कर चुके एसडीएम शिवराज सिंह बल ने शनिवार को गुरुनानक देव अस्पताल के डॉक्टरों को तलब किया। इनमें सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप महाजन, प्रोफेसर डॉ. धीरू, सीनियर रेजिडेंट डॉ. हरप्रीत कौर, सीनियर रेजिडेंट डॉ. हरकोमल, जूनियर रेजिडेंट मयंक, जूनियर रेजिडेंट डॉ. नमित, जूनियर रेजिडेंट डॉ. अर्शदीप सिंह, नर्सिंग सिस्टर हरसिमरन कौर, स्टाफ नर्स मनजीत कौर, स्टाफ नर्स गुरिंदर बीर कौर, दर्जा चार कर्मचारी सुनील व चंदा सहित जीएनडीएयू में स्थित पुलिस चौकी के इंचार्ज एएसआई बलराज सिंह शामिल थे। सभी ने 17 जुलाई को शवों की अदला-बदली के संबंध में अपनी अपनी स्टेटमेंट दर्ज कराई। हालांकि यह जानकारी नहीं मिल पाई कि इन डॉक्टरों ने अपनी स्टेटमेंट में क्या दर्ज किया है।
दरअसल, 17 जुलाई को होशियारपुर निवासी 92 वर्षीय शख्स व अमृतसर निवासी 37 वर्षीय महिला की कोरोना संक्रमण से मौत हुई थी। इस दौरान शवों को कवर कर उन पर टैग लगाकर मोर्चरी में रखवा दिया गया। होशियारपुर वाले शव पर अमृतसर का टैग लग गया, जबकि अमृतसर वाले शव पर होशियारपुर का टैग लगा दिया गया। इससे दोनों शव अलग अलग जिलों में भेज दिए गए। मामले का पता तब चला जब होशियारपुर में परिजनों ने शव का चेहरा देखने की जिद की। शव महिला का था। इधर, अमृतसर में तो होशियारपुर निवासी 92 वर्षीय शख्स का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। होशियारपुर में रहने वाले परिजनों ने इसे घोर लापरवाही बताया और हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। इधर, पंजाब सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे। मजिस्ट्रेट जांच में अब तक होशियारपुर व अमृतसर में रहने वाले परिजनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। शुक्रवार को डॉक्टरों व सहयोगी स्टाफ के बयान लिए गए हैं। एसडीएम शिवराज सिंह बल ने कहा कि अभी स्टेटमेंट रिकॉर्ड की है, जांच जारी है।
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दरअसल, 17 जुलाई को होशियारपुर निवासी 92 वर्षीय शख्स व अमृतसर निवासी 37 वर्षीय महिला की कोरोना संक्रमण से मौत हुई थी। इस दौरान शवों को कवर कर उन पर टैग लगाकर मोर्चरी में रखवा दिया गया। होशियारपुर वाले शव पर अमृतसर का टैग लग गया, जबकि अमृतसर वाले शव पर होशियारपुर का टैग लगा दिया गया। इससे दोनों शव अलग अलग जिलों में भेज दिए गए। मामले का पता तब चला जब होशियारपुर में परिजनों ने शव का चेहरा देखने की जिद की। शव महिला का था। इधर, अमृतसर में तो होशियारपुर निवासी 92 वर्षीय शख्स का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। होशियारपुर में रहने वाले परिजनों ने इसे घोर लापरवाही बताया और हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। इधर, पंजाब सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे। मजिस्ट्रेट जांच में अब तक होशियारपुर व अमृतसर में रहने वाले परिजनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। शुक्रवार को डॉक्टरों व सहयोगी स्टाफ के बयान लिए गए हैं। एसडीएम शिवराज सिंह बल ने कहा कि अभी स्टेटमेंट रिकॉर्ड की है, जांच जारी है।
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