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पठानकोट में सिविल अस्पताल में नशे के मरीजों का हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Tue, 10 May 2016 09:32 PM IST
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सिविल अस्पताल में एसएमओ से बहस करते नशा छोड़ने का इलाज करा रहे मरीज।
- फोटो : amarujala
सिविल अस्पताल के ओएसटी सेंटर में इलाज करा रहे मरीजों ने मंगलवार की सुबह दवा बदले जाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। पहले उन्होंने ओएसटी सेंटर के स्टाफ के साथ बहस की बाद में उनकी अस्पताल के एसएमओ के साथ कहासुनी हुई। एसएमओ से आश्वासन मिलने पर शांत हो गए।
नशा छोड़ने का इलाज करा रहे मरीजों का कहना था कि सेंटर में नशा मुक्ति की दवा के स्थान पर अन्य दवा सप्लाई की जा रही है। इस दौरान अस्पताल में शिव सेना इंकलाब के प्रधान अमित अग्रवाल पहुंचे। उन्होंने इन मरीजों की बात सुनी और एसएमओ से इस संबंध में बातचीत की।
इस दौरान मरीजों ने बताया कि वह अस्पताल के ओएसटी सेंटर से नशा मुक्ति की करीब एक वर्ष से एक ही प्रकार की दवा ले रहे हैं। यह दवा उन्हें काफी सूट भी कर रही है। आरोप लगाया कि बीते पांच दिनों से सेंटर ने उनकी दवा बदल दी हैं। अब जो दवा उन्हें दी जा रही है, वह खाने से वह दिन भर नशे में सोते रहते हैं।
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इस संबंध में एसएमओ डॉक्टर भूपेंद्र सिंह का कहना है कि अस्पताल के ओएसटी सेंटर में जो दवा पहले दी जा रही थी, वही साल्ट व कंपनी की दवा अब भी दी जा रही है। यदि किसी मरीज को समस्या आ रही है तो मरीज को चेक कर फिर से दवा दी जाएगी।
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नशा छोड़ने का इलाज करा रहे मरीजों का कहना था कि सेंटर में नशा मुक्ति की दवा के स्थान पर अन्य दवा सप्लाई की जा रही है। इस दौरान अस्पताल में शिव सेना इंकलाब के प्रधान अमित अग्रवाल पहुंचे। उन्होंने इन मरीजों की बात सुनी और एसएमओ से इस संबंध में बातचीत की।
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इस दौरान मरीजों ने बताया कि वह अस्पताल के ओएसटी सेंटर से नशा मुक्ति की करीब एक वर्ष से एक ही प्रकार की दवा ले रहे हैं। यह दवा उन्हें काफी सूट भी कर रही है। आरोप लगाया कि बीते पांच दिनों से सेंटर ने उनकी दवा बदल दी हैं। अब जो दवा उन्हें दी जा रही है, वह खाने से वह दिन भर नशे में सोते रहते हैं।
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इस संबंध में एसएमओ डॉक्टर भूपेंद्र सिंह का कहना है कि अस्पताल के ओएसटी सेंटर में जो दवा पहले दी जा रही थी, वही साल्ट व कंपनी की दवा अब भी दी जा रही है। यदि किसी मरीज को समस्या आ रही है तो मरीज को चेक कर फिर से दवा दी जाएगी।