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Amritsar: ट्रेन में संरक्षित पशु का मांस मिलने के मामले में खुलासा, अमृतसर रेलवे स्टेशन की ये कमी आई सामने

Mon, 05 May 2025 01:49 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 05 May 2025 01:49 PM IST
सार

फताहपुर के रहने वाले एजेंट ने विजय ने 30 अप्रैल को अमृतसर से रवाना हुई गोल्डन टेंपल रेल गाड़ी में चिकन कहकर मुंबई भेजा था। विजय पहले मछली की सप्लाई चंडीगढ़ और कोलकत्ता के हावड़ा में करता रहा है। थर्मोंकाल की आइस पैकिंग में वह पहले मछली भेजता था, इसलिए उसने वही तरीका संरक्षित पशु का मांस भेजने के लिए इस्तेमाल किया।

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Disclosure in the case of protected animal meat found in the train
रेल की फोटो - फोटो : social media

विस्तार

अमृतसर से मुंबई गई गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस में संरक्षित पशु का तीन क्विंटल मांस भेजने वाले विजय ने इसे चिकन बता कर बुकिंग की थी। इस बात की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दस्तावेजों की चेकिंग के बाद हुई है। संरक्षित पशु का मांस बरामद होने के बाद रेलवे विभाग ने इसे भेजने वाले एजेंट की तलाश शुरू कर दी है। 
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स्थानीय एजेंट ने संरक्षित पशु के मांस को चिकन कहकर बुक करवाया था। आरोपी विजय कुमार भूमिगत हो गया है जिस की तलाश रेलवे पुलिस कर रही है। बुधवार को गुप्त सूचना के आधार पर संरक्षित पशु का मांस पश्चिमी रेलवे वडोदरा की पुलिस की ओर से बरामद किया गया था। उसके बाद संरक्षित पशु का मांस होने की पुष्टि होने के बाद दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर पार्सल भेजने वाले और पार्सल प्राप्त करने वाले खिलाफ दर्ज की गई है। इन दोनों की पहचान विजय सिंह और जफर शब्बीर के रूप में हुई है। ट्रेन से जब्त 1283 किलो संरक्षित पशु के मांस को 16 पार्सल में रखा गया था। फोरेंसिक जांच के बाद पुष्टि हुई है कि यह चिकन नहीं है।
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30 अप्रैल को करवाई थी बुकिंग

फताहपुर के रहने वाले एजेंट ने विजय ने 30 अप्रैल को अमृतसर से रवाना हुई गोल्डन टेंपल रेल गाड़ी में चिकन कहकर मुंबई भेजा था। पता चला कि विजय पहले मछली की सप्लाई चंडीगढ़ और कोलकत्ता के हावड़ा में करता रहा है। थर्मोंकाल की आइस पैकिंग में वह पहले मछली भेजता था, इसलिए उसने वही तरीका संरक्षित पशु का मांस भेजने के लिए इस्तेमाल किया। परंतु गुप्त सूचना से पुलिस को पता चला कि चिकन नहीं बल्कि संरक्षित पशु का मांस है। 
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रेलवे स्टेशन अमृतसर से हर रोज देश के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों पार्सल जाते हैं। पार्सल में क्या है यह जानकारी सिर्फ भेजने वाले द्वारा दी गई सूचना पर ही निर्भर होती है। विभाग के पास अमृतसर में पार्सल को स्कैन करने वाला कोई स्कैनर नहीं है।  
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