{"_id":"621f9877ad27d6387f313970","slug":"decision-to-be-taken-soon-on-davinderpal-singh-bhullar-advocate-dhami-amritsar-news-pkl4435472169","type":"story","status":"publish","title_hn":"दविंदरपाल सिंह भुल्लर पर जल्द हो फैसला - एडवोकेट धामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दविंदरपाल सिंह भुल्लर पर जल्द हो फैसला - एडवोकेट धामी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतसर। एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने दिल्ली सरकार की स्टेटस रिव्यू कमेटी की बुलाई बैठक में दविंदरपाल सिंह भुल्लर पर जल्द फैसला लेने की मांग की है। ताकि वह जल्द से जल्द अपने परिवार के पास पहुंच सके। इससे पहले उन्होंने कई बार केंद्र सरकार को भी इसे लेकर पत्र लिखे हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इसके लिए दिल्ली की आप सरकार को जिम्मेवार ठहराया था।
पंजाब विधानसभा चुनावों में एक बार फिर से दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई का मुद्दा उठा था। पंजाब में अपने दौरे के बीच आप सुप्रीमो व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाबियों को भरोसा दिलाया था कि वे जल्द ही रिव्यू कमेटी की दोबारा बैठक बुलाएंगे। इसके बाद बुधवार को दिल्ली में रिव्यू कमेटी की बैठक बुलाई गई। एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि प्रो. भुल्लर की रिहाई संबंधी फाइल को पहले 3-4 बार रिजेक्ट किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब प्रो. भुल्लर को जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए, ताकि वह परिवार के पास पहुंच सके।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश दिवस पर बंदी सिखों को रिहा करने की बात कही थी। बंदियों की रिहाई को लेकर जो लिस्ट तैयार की गई थी, भुल्लर का नाम दूसरे नंबर पर था, लेकिन दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई को लेकर उसका नाम राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा गया था। इस कारण भुल्लर की अभी तक रिहाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
भुल्लर की फांसी की सजा को 2014 में बदला गया था उम्रकैद में
देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2014 में सिख बंदी दविंदरपाल सिंह भुल्लर की मानसिक हालत को देखते हुए उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में तबदील कर दिया था। तब से उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है और उसका इलाज अमृतसर सरकारी मेडिकल कालेज से जुड़े स्वामी विवेकानंद सेंटर में चल रहा है। भुल्लर 24 वर्षों से कैद में है और उसकी रिहाई के लिए सिख संगठनों द्वारा आवाज उठाई जा रही है।
विज्ञापन
पंजाब विधानसभा चुनावों में एक बार फिर से दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई का मुद्दा उठा था। पंजाब में अपने दौरे के बीच आप सुप्रीमो व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाबियों को भरोसा दिलाया था कि वे जल्द ही रिव्यू कमेटी की दोबारा बैठक बुलाएंगे। इसके बाद बुधवार को दिल्ली में रिव्यू कमेटी की बैठक बुलाई गई। एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि प्रो. भुल्लर की रिहाई संबंधी फाइल को पहले 3-4 बार रिजेक्ट किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब प्रो. भुल्लर को जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए, ताकि वह परिवार के पास पहुंच सके।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश दिवस पर बंदी सिखों को रिहा करने की बात कही थी। बंदियों की रिहाई को लेकर जो लिस्ट तैयार की गई थी, भुल्लर का नाम दूसरे नंबर पर था, लेकिन दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई को लेकर उसका नाम राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा गया था। इस कारण भुल्लर की अभी तक रिहाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
भुल्लर की फांसी की सजा को 2014 में बदला गया था उम्रकैद में
देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2014 में सिख बंदी दविंदरपाल सिंह भुल्लर की मानसिक हालत को देखते हुए उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में तबदील कर दिया था। तब से उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है और उसका इलाज अमृतसर सरकारी मेडिकल कालेज से जुड़े स्वामी विवेकानंद सेंटर में चल रहा है। भुल्लर 24 वर्षों से कैद में है और उसकी रिहाई के लिए सिख संगठनों द्वारा आवाज उठाई जा रही है।