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फगवाड़ा में हिंसा का मामला, डीएसपी सस्पेंड, एसपी ट्रांसफर
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sat, 23 Jul 2016 10:13 PM IST
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हनुमानगढ़ी मंदिर के बाहर तैनात घुड़सवार पुलिस।
- फोटो : amarujala
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दो समुदायों के बीच शुक्रवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा की गाज डीएसपी फगवाड़ा कंवलप्रीत सिंह चाहल पर गिरी है। उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है वहीं एसपी फगवाड़ा अजिंदर सिंह का तबादला कर दिया है।
आईजी जालंधर जोन टू लोक नाथ आंगरा ने इस संबंधी एक रिपोर्ट डीजीपी पंजाब सुरेश अरोड़ा को दी थी। जिसके आधार पर डीएसपी को सस्पेंड कर पुलिस मुख्यालय में डीजीपी के साथ अटैच किया गया है। एसपी को पुलिस मुख्यालय में ट्रांसफर किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार काउंटर इंटेलीजेंस में तैनात जसबीर सिंह राए को एसपी फगवाड़ा लगाया गया है। वहीं मनप्रीत सिंह ढिल्लों को फगवाड़ा में डीएसपी का कार्यभार सौंपा गया है। दोनों अधिकारियों को तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। एडीसी फगवाड़ा इकबाल सिंह संधू जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देंगे। यह जानकारी डीसी कपूरथला जसकिरण सिंह और एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह ने दी। डीसी और एसएसपी ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
वहीं शनिवार को शिव सेना (बाल ठाकरे) के बंद के आह्वान पर फगवाड़ा आंशिक रुप से बंद रहा। पुलिस प्रशासन ने मामला शांत करने की कवायद जारी रखी। हनुमानगढ़ी में मौजूद शिव सेना (बाल ठाकरे) के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि डीएसपी फगवाड़ा का तबादला किया जाए। मंदिर पर पथराव करने वालों और हिंसा को भड़काने में जिम्मेदार लोगों पर मामले दर्ज किए जाएं।
शिवसेना का आरोप था कि लोकल पुलिस प्रशासन स्थिति से निपटने में अक्षम रहा और डीएसपी फगवाड़ा का रोल पक्षपाती था। बंद की कॉल के बावजूद कुछ दुकानें सुबह से खुली था और कुछ बाद दोपहर खुली गई। शहर के भीतरी क्षेत्र में दुकानें बंद रही और बाहरी क्षेत्रों में कामकाज आम दिनों की तरह चला। जामा मस्जिद के बाहर भारी मात्रा में पुलिस बल एसपी फगवाड़ा अजिंदर सिंह की अगुवाई में तैनात रहा।
शिव सैनिकों और हिंदू संगठनों ने हनुमानगढ़ी में जमावड़ा किया। वहां पर एसपी हेडक्वार्टर बलबीर सिंह भट्टी के साथ डीएसपी हेडक्वार्टर अमरीक सिंह चाहल, एसीपी क्राइम लुधियाना मनप्रीत ढिल्लों, सीआईए स्टाफ प्रभारी रविंदर सिंह, इंस्पेक्टर सरवण सिंह बल डटे रहे।
एसएसपी राजिंदर सिंह ने बताया कि डीएसपी और मामले संबंधी सारी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। बयान के आधार पर मामले दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसएसपी कपूरथला ने जब यह घोषणा की तो उनकी और डीसी कपूरथला की उपस्थिति में शिव सैनिकों ने कृपाणें लहराई और नारेबाजी कर बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह उनको शांत कर मंदिर परिसर में ले गए। शहर में पूरी तरह नाकाबंदी की गई थी और जीओ रैंक के अधिकारी नाकों पर खड़े थे। मंदिर के बाहर क्यूआरटी और घुड़सवार पुलिस भी तैनात थी।
हिंदू संगठनों के खिलाफ इरादा कत्ल व अन्य धाराओं में मामला दर्ज
सिटी पुलिस ने जामा मस्जिद के शाही इमाम की शिकायत के आधार पर शुक्रवार देर शाम हिंदू संगठनों के नेताओं समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ इरादा ए कत्ल और थाना प्रभारी की वर्दी फाड़ने का मामला दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में मौलाना उब्बैस उर रहमान ने बताया कि वह मस्जिद में नमाज अता कर बाहर आ रहे थे कि सामने से इंद्रजीत करवल, दीपक भारद्वाज, गुरदीप सैनी, कुलदीप दानी, गोल्डी बानिया, मिश्रा, जिम्मी करवल, दिनेश बंसल 40-50 आदमियों के साथ आए।
सभी जान से मार देने की धमकियां देते हुए मस्जिद की तरफ बढ़े। इन्होंने उन पर और मस्जिद पर पथराव किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने थाना सिटी प्रभारी रमनदीप सिंह की वर्दी खींच कर बैज तोड़ दिए। उन्होंने अंदर भाग कर जान बचाई।
थाना प्रभारी रमनदीप ने कहा कि वह दोनों पक्षों को समझा रहे थे कि शिवसेना वर्करों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। सिटी पुलिस ने उपरोक्त नेताओं समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 307/295ए/427/148/149 और असलहा एक्ट अधीन मामला दर्ज किया है।
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आईजी जालंधर जोन टू लोक नाथ आंगरा ने इस संबंधी एक रिपोर्ट डीजीपी पंजाब सुरेश अरोड़ा को दी थी। जिसके आधार पर डीएसपी को सस्पेंड कर पुलिस मुख्यालय में डीजीपी के साथ अटैच किया गया है। एसपी को पुलिस मुख्यालय में ट्रांसफर किया गया है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार काउंटर इंटेलीजेंस में तैनात जसबीर सिंह राए को एसपी फगवाड़ा लगाया गया है। वहीं मनप्रीत सिंह ढिल्लों को फगवाड़ा में डीएसपी का कार्यभार सौंपा गया है। दोनों अधिकारियों को तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। एडीसी फगवाड़ा इकबाल सिंह संधू जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देंगे। यह जानकारी डीसी कपूरथला जसकिरण सिंह और एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह ने दी। डीसी और एसएसपी ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
वहीं शनिवार को शिव सेना (बाल ठाकरे) के बंद के आह्वान पर फगवाड़ा आंशिक रुप से बंद रहा। पुलिस प्रशासन ने मामला शांत करने की कवायद जारी रखी। हनुमानगढ़ी में मौजूद शिव सेना (बाल ठाकरे) के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि डीएसपी फगवाड़ा का तबादला किया जाए। मंदिर पर पथराव करने वालों और हिंसा को भड़काने में जिम्मेदार लोगों पर मामले दर्ज किए जाएं।
शिवसेना का आरोप था कि लोकल पुलिस प्रशासन स्थिति से निपटने में अक्षम रहा और डीएसपी फगवाड़ा का रोल पक्षपाती था। बंद की कॉल के बावजूद कुछ दुकानें सुबह से खुली था और कुछ बाद दोपहर खुली गई। शहर के भीतरी क्षेत्र में दुकानें बंद रही और बाहरी क्षेत्रों में कामकाज आम दिनों की तरह चला। जामा मस्जिद के बाहर भारी मात्रा में पुलिस बल एसपी फगवाड़ा अजिंदर सिंह की अगुवाई में तैनात रहा।
शिव सैनिकों और हिंदू संगठनों ने हनुमानगढ़ी में जमावड़ा किया। वहां पर एसपी हेडक्वार्टर बलबीर सिंह भट्टी के साथ डीएसपी हेडक्वार्टर अमरीक सिंह चाहल, एसीपी क्राइम लुधियाना मनप्रीत ढिल्लों, सीआईए स्टाफ प्रभारी रविंदर सिंह, इंस्पेक्टर सरवण सिंह बल डटे रहे।
एसएसपी राजिंदर सिंह ने बताया कि डीएसपी और मामले संबंधी सारी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। बयान के आधार पर मामले दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसएसपी कपूरथला ने जब यह घोषणा की तो उनकी और डीसी कपूरथला की उपस्थिति में शिव सैनिकों ने कृपाणें लहराई और नारेबाजी कर बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह उनको शांत कर मंदिर परिसर में ले गए। शहर में पूरी तरह नाकाबंदी की गई थी और जीओ रैंक के अधिकारी नाकों पर खड़े थे। मंदिर के बाहर क्यूआरटी और घुड़सवार पुलिस भी तैनात थी।
हिंदू संगठनों के खिलाफ इरादा कत्ल व अन्य धाराओं में मामला दर्ज
सिटी पुलिस ने जामा मस्जिद के शाही इमाम की शिकायत के आधार पर शुक्रवार देर शाम हिंदू संगठनों के नेताओं समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ इरादा ए कत्ल और थाना प्रभारी की वर्दी फाड़ने का मामला दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में मौलाना उब्बैस उर रहमान ने बताया कि वह मस्जिद में नमाज अता कर बाहर आ रहे थे कि सामने से इंद्रजीत करवल, दीपक भारद्वाज, गुरदीप सैनी, कुलदीप दानी, गोल्डी बानिया, मिश्रा, जिम्मी करवल, दिनेश बंसल 40-50 आदमियों के साथ आए।
सभी जान से मार देने की धमकियां देते हुए मस्जिद की तरफ बढ़े। इन्होंने उन पर और मस्जिद पर पथराव किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने थाना सिटी प्रभारी रमनदीप सिंह की वर्दी खींच कर बैज तोड़ दिए। उन्होंने अंदर भाग कर जान बचाई।
थाना प्रभारी रमनदीप ने कहा कि वह दोनों पक्षों को समझा रहे थे कि शिवसेना वर्करों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। सिटी पुलिस ने उपरोक्त नेताओं समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 307/295ए/427/148/149 और असलहा एक्ट अधीन मामला दर्ज किया है।