{"_id":"5b6333af4f1c1b9d3e8b4b9d","slug":"171533227951-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीजीपी सिक्योरिटी ने नहीं पेश की रिपोर्ट, अब 18 को होगी सुनवाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डीजीपी सिक्योरिटी ने नहीं पेश की रिपोर्ट, अब 18 को होगी सुनवाई
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ दुष्कर्म और हत्या के मामले में चल रही सुनवाई में वीरवार को 57 से 59वें गवाहों को पेश किया गया। 57वें गवाह के रूप में महिला पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर पेश हुई, जबकि 58 व 59वें गवाह के तौर पर पुलिस चौकी टीका अंब के मुंशी और कथित आरोपी परवेश कुमार के कंप्यूटर सेंटर के मालिक को पेश किया गया।
गवाहों के बयान पर बचाव पक्ष ने जिरह की। बताया जा रहा है कि इस समय कोर्ट में पूरे मामले के सबसे अहम गवाह पेश किए जा रहे हैं, जिसके चलते एक गवाह के बयान पर जिरह में 2-3 दिन लग रहे हैं। वहीं कथित आरोपियों को हथकड़ी लगाने के मामले में डीजीपी सिक्योरिटी बुधवार को भी रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए। लिहाजा कोर्ट ने मामले पर सुनवाई 18 सितंबर तक टाल दी। बचाव पक्ष का कहना है कि सरकार पक्ष की ढीली कार्यप्रणाली के कारण केस को लटकाया जा रहा है।
विज्ञापन
गवाहों के बयान पर बचाव पक्ष ने जिरह की। बताया जा रहा है कि इस समय कोर्ट में पूरे मामले के सबसे अहम गवाह पेश किए जा रहे हैं, जिसके चलते एक गवाह के बयान पर जिरह में 2-3 दिन लग रहे हैं। वहीं कथित आरोपियों को हथकड़ी लगाने के मामले में डीजीपी सिक्योरिटी बुधवार को भी रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए। लिहाजा कोर्ट ने मामले पर सुनवाई 18 सितंबर तक टाल दी। बचाव पक्ष का कहना है कि सरकार पक्ष की ढीली कार्यप्रणाली के कारण केस को लटकाया जा रहा है।
विज्ञापन