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सिवल अस्पताल में तैनात डाक्टर दस हजार रुपए की रिश्वत लेता काबू
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गुरदासपुर। विजिलेंस ब्यूरो गुरदासपुर ने सिविल अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई डीएसपी विजिलेंस कंवलजीत कौर की ओर से एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो अमृतसर आरके बख्शी के दिशा निर्देशों पर की गई।
डीएसपी कंवलजीत कौर ने बताया कि बुधवार को सुबह 10 बजे दलीप चंद (70) पुत्र मुंशा राम निवासी डेहरीवाल दरोगा उनके पास आया। उसने बताया कि 5 जून 2019 को उसका गांव के ही गुरमीत सिंह पुत्र चन्नण सिंह के साथ पैसों के लेन देन को लेकर झगड़ा हुआ। जिस पर गुरमीत सिंह ने अपने साथियों सहित मुझ पर और मेरे परिवार के लोगों पर तेजधार हमला कर जख्मी कर दिया। वह इलाज के लिए पीएचसी नैशहरा मज्जा सिंह गए। जख्मी ज्यादा होने के कारण वहां के डाक्टरों ने सिविल अस्पताल गुरदासपुर में उन्हें रैफर कर दिया। सिविल अस्पताल की तरफ से हमारी लड़ाई संबंधी रिपोर्ट थाना धारीवाल को भेज दी गई। लेकिन चोट ज्यादा होने के कारण एमएलआर और चोटों की असल रिपोर्ट अभी तक डॉ. पुनीत गिल के पास पेंडिंग पड़ी है। रिपोर्ट देने के बदले डॉ. पुनीत गिल ने 20 हजार रुपये बतौर रिश्वत की मांग की और दो किश्तें देने के लिए कहा। डॉक्टर ने कहा कि पहली किश्त दस हजार रुपये लेकर 26 जून को ब्रिज वासी चार्ट जीटी रोड़ नजदीक सिविल अस्पताल आ जाना मैं तुम्हारा काम कर दूंगा। इसके बाद वह अपने दोहते हरप्रीत सिंह पुत्र राम पाल निवासी प्रीत नगर, वेरका (जिला अमृतसर) को साथ लेकर शिकायत करने पहुंचा।
शिकायत के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो गुरदासपुर की तरफ से डॉक्टर पुनीत गिल को 10 हजार रुपये पहली किश्त लेते रंगे हाथों काबू किया गया। डॉक्टर को सरकारी गवाह के तौर पर मनप्रीत सिंह खेतीबाड़ी अफसर और डॉ. गगनदीप सिंह वेटरनरी अफसर भागोवाल की मौजूदगी में गिरफ्तार किया गया। डाक्टर पुनीत गिल के पास से 500-500 रुपये के नोट भी बरामद किए गए। इस संबंधी मामला थाना विजिलेंस ब्यूरो अमृतसर में दर्ज किया गया है।
डीएसपी कंवलजीत कौर ने बताया कि बुधवार को सुबह 10 बजे दलीप चंद (70) पुत्र मुंशा राम निवासी डेहरीवाल दरोगा उनके पास आया। उसने बताया कि 5 जून 2019 को उसका गांव के ही गुरमीत सिंह पुत्र चन्नण सिंह के साथ पैसों के लेन देन को लेकर झगड़ा हुआ। जिस पर गुरमीत सिंह ने अपने साथियों सहित मुझ पर और मेरे परिवार के लोगों पर तेजधार हमला कर जख्मी कर दिया। वह इलाज के लिए पीएचसी नैशहरा मज्जा सिंह गए। जख्मी ज्यादा होने के कारण वहां के डाक्टरों ने सिविल अस्पताल गुरदासपुर में उन्हें रैफर कर दिया। सिविल अस्पताल की तरफ से हमारी लड़ाई संबंधी रिपोर्ट थाना धारीवाल को भेज दी गई। लेकिन चोट ज्यादा होने के कारण एमएलआर और चोटों की असल रिपोर्ट अभी तक डॉ. पुनीत गिल के पास पेंडिंग पड़ी है। रिपोर्ट देने के बदले डॉ. पुनीत गिल ने 20 हजार रुपये बतौर रिश्वत की मांग की और दो किश्तें देने के लिए कहा। डॉक्टर ने कहा कि पहली किश्त दस हजार रुपये लेकर 26 जून को ब्रिज वासी चार्ट जीटी रोड़ नजदीक सिविल अस्पताल आ जाना मैं तुम्हारा काम कर दूंगा। इसके बाद वह अपने दोहते हरप्रीत सिंह पुत्र राम पाल निवासी प्रीत नगर, वेरका (जिला अमृतसर) को साथ लेकर शिकायत करने पहुंचा।
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शिकायत के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो गुरदासपुर की तरफ से डॉक्टर पुनीत गिल को 10 हजार रुपये पहली किश्त लेते रंगे हाथों काबू किया गया। डॉक्टर को सरकारी गवाह के तौर पर मनप्रीत सिंह खेतीबाड़ी अफसर और डॉ. गगनदीप सिंह वेटरनरी अफसर भागोवाल की मौजूदगी में गिरफ्तार किया गया। डाक्टर पुनीत गिल के पास से 500-500 रुपये के नोट भी बरामद किए गए। इस संबंधी मामला थाना विजिलेंस ब्यूरो अमृतसर में दर्ज किया गया है।
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