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लकड़ी के नुकीले हथियार बना कर की चारों की हत्या
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अमृतसर। अवैध संबंधों में रुकावट बनी पत्नी, दो बेटों और एक बेटी की निर्मम हत्या कर उनकी लाशों को जगदेव कलां नहर में फेंकने वाले हरवंत सिंह ने 16 जून की रात को घटना को अंजाम दिया था। मामले के तीन आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी देहाती बिक्रमजीत सिंह दुग्गल ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि हरवंत सिंह ने अपने भांजे कुलदीप सिंह व दो अन्य साथियों के साथ सफेदा पेड़ के एक भाग को नुकीला कर उसे हथियार के रूप में प्रयोग किया। हरवंत सहित सभी हत्यारों के पास लकड़ी का बनाया एक-एक हथियार था।
16 जून की रात को जब पूरा परिवार सोया हुआ था, तब हरवंत ने कुलदीप और अन्य को अपने घर में प्रवेश करवाया। सबसे पहले हरवंत ने एक ही कमरे में सोए हुए दोनों बेटों लवरूप सिंह, ओंकार सिंह के सिर पर नुकीले हथियारों के साथ हमला किया। इसी दौरान कुलदीप सिंह और अन्य ने उसकी पत्नी दविंदर कौर व बेटी सिमरनजीत पर हथियारों से प्रहार किया। जब चारों की मौत हो गई, तो हरवंत ने कुलदीप और अपने दो साथियों की मदद से सबसे पहले खून के दागों को धोया। फिर उनकी लाशों में ईंटें बांध कर उसे बोरी में डालकर नहर में फेंक दिया।
एसएसपी के अनुसार हत्या में प्रयोग किए गए लकड़ी के चार नुकीले डंडे, दो पिस्तौल और आठ कारतूस रिकवर किए गए हैं। रिवाल्वर मिलने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं हरवंत व उसके साथियों ने इस रिवाल्वर का प्रयोग लकड़ी के हथियार के विफल रहने के बाद तो नहीं करना था। हत्या के लिए बनाए गए लकड़ी के हथियार काफी वजनी हैं। वहीं आरोपी की प्रेमिका और एक अन्य साथी इस हत्याकांड में सीधे रूप से जुड़े हैं या नहीं, इस बारे में पुलिस की जांच चल रही है।
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उन्होंने कहा की पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जिस महिला के साथ हरवंत सिंह के संबंध थे, उसके कुलदीप सिंह के साथ भी संबंध थे या नहीं। पुलिस प्रेमिका की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस ने हरवंत व उसके साथियों को घटना स्थल पर ले जाकर क्राइम सीन देखा गया।
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16 जून की रात को जब पूरा परिवार सोया हुआ था, तब हरवंत ने कुलदीप और अन्य को अपने घर में प्रवेश करवाया। सबसे पहले हरवंत ने एक ही कमरे में सोए हुए दोनों बेटों लवरूप सिंह, ओंकार सिंह के सिर पर नुकीले हथियारों के साथ हमला किया। इसी दौरान कुलदीप सिंह और अन्य ने उसकी पत्नी दविंदर कौर व बेटी सिमरनजीत पर हथियारों से प्रहार किया। जब चारों की मौत हो गई, तो हरवंत ने कुलदीप और अपने दो साथियों की मदद से सबसे पहले खून के दागों को धोया। फिर उनकी लाशों में ईंटें बांध कर उसे बोरी में डालकर नहर में फेंक दिया।
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एसएसपी के अनुसार हत्या में प्रयोग किए गए लकड़ी के चार नुकीले डंडे, दो पिस्तौल और आठ कारतूस रिकवर किए गए हैं। रिवाल्वर मिलने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं हरवंत व उसके साथियों ने इस रिवाल्वर का प्रयोग लकड़ी के हथियार के विफल रहने के बाद तो नहीं करना था। हत्या के लिए बनाए गए लकड़ी के हथियार काफी वजनी हैं। वहीं आरोपी की प्रेमिका और एक अन्य साथी इस हत्याकांड में सीधे रूप से जुड़े हैं या नहीं, इस बारे में पुलिस की जांच चल रही है।
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उन्होंने कहा की पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जिस महिला के साथ हरवंत सिंह के संबंध थे, उसके कुलदीप सिंह के साथ भी संबंध थे या नहीं। पुलिस प्रेमिका की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस ने हरवंत व उसके साथियों को घटना स्थल पर ले जाकर क्राइम सीन देखा गया।