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किसानों के कर्ज की किश्तें सचिव ने डकारी
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Tue, 28 Jun 2016 09:38 PM IST
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तरनतारन में एडीसी (जनरल) बख्तावर सिंह को मामले की जानकारी देते किसान संघर्ष कमेटी के सदस्य।
- फोटो : amarujala
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विधान सभा हलका पट्टी के गांव उस्मां के 64 किसानों के साथ 51 लाख 92 हजार 720 रुपये के किए गए गबन का मामला किसान संघर्ष कमेटी ने उठाया है। कमेटी ने एडीसी (जनरल) बख्तावर सिंह को ज्ञापन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू, महासचिव सविंदर सिंह चुताला, प्रैस सचिव तेजिंदरपाल सिंह राजू रसूलपुर ने एडीसी को बताया कि कोआपरेटिव सोसायटी का सचिव का कुछ दिन पूर्व निधन हो चुका है। वह आठ वर्ष से गांव तैनात था।
सचिव किसानों से कर्ज की किस्त लेकर सीदें दे देता था और बैंक में किस्त जमा नहीं कराता था। किसानों से बैंक चेकों पर हस्ताक्षर करवाकर एमसीएल के अनुसार पैसे निकलवा लेता था और किसानों को कम पैसे देकर काउंटर फाइल भर देता था।
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सचिव बैंक के कुछ अधिकारियों से मिलकर चेक बुक पर हस्ताक्षर भी खुद कर लेता था। बीते अप्रैल माह में सचिव की मौत के बाद कोआपरेटिव बैंक ने डिफाल्टर किसानों को जब कर्ज की अदायगी लिए नोटिस जारी किए, तब सचिव की करतूत का पता चला।
एडीसी ने निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया। इस मौके पर अमरजीत सिंह उस्मां, महिंदर सिंह, अमरीक सिंह, अजीत सिंह, गुरजीत सिंह, गुरदीप सिंह, तेजा सिंह, हरवंत सिंह, दलजीत सिंह, परमजीत सिंह, तेजिंदर कौर, अमरजीत कौर, मंजीत कौर मौजूद थीं।
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कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू, महासचिव सविंदर सिंह चुताला, प्रैस सचिव तेजिंदरपाल सिंह राजू रसूलपुर ने एडीसी को बताया कि कोआपरेटिव सोसायटी का सचिव का कुछ दिन पूर्व निधन हो चुका है। वह आठ वर्ष से गांव तैनात था।
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सचिव किसानों से कर्ज की किस्त लेकर सीदें दे देता था और बैंक में किस्त जमा नहीं कराता था। किसानों से बैंक चेकों पर हस्ताक्षर करवाकर एमसीएल के अनुसार पैसे निकलवा लेता था और किसानों को कम पैसे देकर काउंटर फाइल भर देता था।
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सचिव बैंक के कुछ अधिकारियों से मिलकर चेक बुक पर हस्ताक्षर भी खुद कर लेता था। बीते अप्रैल माह में सचिव की मौत के बाद कोआपरेटिव बैंक ने डिफाल्टर किसानों को जब कर्ज की अदायगी लिए नोटिस जारी किए, तब सचिव की करतूत का पता चला।
एडीसी ने निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया। इस मौके पर अमरजीत सिंह उस्मां, महिंदर सिंह, अमरीक सिंह, अजीत सिंह, गुरजीत सिंह, गुरदीप सिंह, तेजा सिंह, हरवंत सिंह, दलजीत सिंह, परमजीत सिंह, तेजिंदर कौर, अमरजीत कौर, मंजीत कौर मौजूद थीं।