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बिजली संकट के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार : सुखबीर बादल
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अमृतसर के उत्तरी इलाके में लोगों को संबोधित करते शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल।
- फोटो : AMRITSAR
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पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री व शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने राज्य में मौजूदा बिजली संकट पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने इसके लिए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बिजली संकट को हल करने के लिए काम करें। सुखबीर बादल रविवार को पश्चिम विधानसभा हलका के इंचार्ज डॉ. दलबीर सिंह वेरका के गुरु की वडाली में उनके घर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने पुतलीघर स्थित भगवान वाल्मीकि की मूर्ति को नमन किया और रामतीर्थ नतमस्तक होने पहुंचे। उन्होंने नार्थ विधानसभा हलका में रैली को संबोधित किया और रोड शो निकाला।
सुखबीर बादल ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान बिजली को लेकर कभी ऐसे हालात नहीं बने। आज हालात ये हैं कि रोज दिन में 7-7 घंटे बिजली कट लग रहे हैं। यह इसलिए है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में न तो कभी मुख्यमंत्री ने और न कभी संबंधित विभाग के मंत्री ने बिजली विभाग की बैठक ली। जबकि उनकी सरकार के दौरान हर सोमवार को बिजली विभाग की रिपोर्ट उनके पास आती थी और वे बिजली की मांग और आपूर्ति की समीक्षा के बाद उचित आदेश जारी करते थे।
कांग्रेस सरकार की ओर से बिजली संकट के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराए जाने के सवाल पर सुखबीर बादल ने कहा कि इसके प्रबंध तो राज्य सरकार ने करने होते हैं। जब कभी पंजाब में बिजली सरप्लस हुई तो कांग्रेस सरकार ने क्या कभी केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। वे लोग अपनी नाकामी को छुपाने के लिए केंद्र सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। मुख्यमंत्री इसे अनदेखा कर दिल्ली में कांग्रेस के आकाओं के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने चन्नी को सलाह देते हुए कहा कि दिल्ली में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने तो उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। अब वे दिल्ली के चक्कर लगाना छोड़कर पंजाब पर ध्यान दें।
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शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि वह न तो फ्री बिजली के लिए किसी से फार्म भरवाएंगे और न ही गारंटी कार्ड देंगे, वे तो जुबान देते हैं, जिसे हर हाल में पूरा करते हैं। 2022 में उनकी सरकार बनने पर गरीब परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली की जगह 400 यूनिट हर माह बिजली दी जाएगी। नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी और खालसा कालेज सहित अन्य कालेजों में सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए 33 फीसदी आरक्षण होगा और इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च उनकी सरकार उठाएगी। साथ ही जिन गरीब परिवारों के नीले कार्ड बने हैं, उस घर की मुखिया महिला को हर माह 2 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस अवसर पर डा. दलबीर सिंह वेरका और गुरप्रताप सिंह टिक्का सहित बड़ी संख्या में यूथ शिअद के वर्कर उपस्थित थे।
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सुखबीर बादल ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान बिजली को लेकर कभी ऐसे हालात नहीं बने। आज हालात ये हैं कि रोज दिन में 7-7 घंटे बिजली कट लग रहे हैं। यह इसलिए है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में न तो कभी मुख्यमंत्री ने और न कभी संबंधित विभाग के मंत्री ने बिजली विभाग की बैठक ली। जबकि उनकी सरकार के दौरान हर सोमवार को बिजली विभाग की रिपोर्ट उनके पास आती थी और वे बिजली की मांग और आपूर्ति की समीक्षा के बाद उचित आदेश जारी करते थे।
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कांग्रेस सरकार की ओर से बिजली संकट के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराए जाने के सवाल पर सुखबीर बादल ने कहा कि इसके प्रबंध तो राज्य सरकार ने करने होते हैं। जब कभी पंजाब में बिजली सरप्लस हुई तो कांग्रेस सरकार ने क्या कभी केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। वे लोग अपनी नाकामी को छुपाने के लिए केंद्र सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। मुख्यमंत्री इसे अनदेखा कर दिल्ली में कांग्रेस के आकाओं के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने चन्नी को सलाह देते हुए कहा कि दिल्ली में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने तो उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। अब वे दिल्ली के चक्कर लगाना छोड़कर पंजाब पर ध्यान दें।
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शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि वह न तो फ्री बिजली के लिए किसी से फार्म भरवाएंगे और न ही गारंटी कार्ड देंगे, वे तो जुबान देते हैं, जिसे हर हाल में पूरा करते हैं। 2022 में उनकी सरकार बनने पर गरीब परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली की जगह 400 यूनिट हर माह बिजली दी जाएगी। नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी और खालसा कालेज सहित अन्य कालेजों में सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए 33 फीसदी आरक्षण होगा और इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च उनकी सरकार उठाएगी। साथ ही जिन गरीब परिवारों के नीले कार्ड बने हैं, उस घर की मुखिया महिला को हर माह 2 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस अवसर पर डा. दलबीर सिंह वेरका और गुरप्रताप सिंह टिक्का सहित बड़ी संख्या में यूथ शिअद के वर्कर उपस्थित थे।