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सीमांत गांवों में रात को लगेंगे ठीकरी पहरे
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होशियार, रात को सोते समय स्ट्रीट लाइट और घर के आंगन की लाइट बंद नहीं होनी चाहिए। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति गांव में दिखाई देता है तो चौकस रहना होगा। यह चौकसी पूरे गांव व समाज की भलाई लिए ही है। यह नारे अब भारत-पाक सीमा के साथ लगने वाले उन 23 गांवों में रात को सुनने को मिलेंगे जो तस्करी के लिए तरह बदनाम हैं। ऐसे कई गांवों की पहचान कर एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने पंचायत सदस्यों को ठीकरी पहरे लगाने के आदेश दिए।
एसपी (नारकोटिक्स) डॉ. अमनदीप सिंह बराड़ ने पंचायत सदस्यों के साथ बैठक कर यह आदेश सख्ती से लागू करने को कहा। एसपी बराड़ ने बताया कि जिले में नशा तस्करों, पूर्व आतंकियों, गैंगस्टरों के गठजोड़ को तोड़ने लिए विशेष खाका तैयार किया गया है। इसके तहत बदनाम 23 गांवों के माथे पर लगे कलंक को धोने के लिए पंचायतों ने अपना फर्ज समझ लिया है। ऐसे में जरूरी है कि रात में ठीकरी पहरे लगाए जाएं। इसमें युवाओं को शामिल किया जाए। पंचायतें पुलिस प्रशासन के साथ भी तालमेल रखेंगी। गांव में आए मेहमान, किरायेदार की सूचना पंचायत को देनी होगी। अगर कोई भी संदिग्ध दिखाई देता है तो पुलिस को सूचना देनी जरूरी होगी।
अब थानों में तैयार होगी वार्षिक रिपोर्ट
एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि पुलिस प्रशासन के कामकाज में तेजी लाने के लिए अब वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट शुरू की गई है। जिले के प्रत्येक थाना प्रभारी से लेकर डीएसपी रैंक के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें दर्ज मुकदमों, कार्रवाई, अदालती केसों का स्टेटस, शिकायतों का विवरण आदि दर्ज होंगे।
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एसपी (नारकोटिक्स) डॉ. अमनदीप सिंह बराड़ ने पंचायत सदस्यों के साथ बैठक कर यह आदेश सख्ती से लागू करने को कहा। एसपी बराड़ ने बताया कि जिले में नशा तस्करों, पूर्व आतंकियों, गैंगस्टरों के गठजोड़ को तोड़ने लिए विशेष खाका तैयार किया गया है। इसके तहत बदनाम 23 गांवों के माथे पर लगे कलंक को धोने के लिए पंचायतों ने अपना फर्ज समझ लिया है। ऐसे में जरूरी है कि रात में ठीकरी पहरे लगाए जाएं। इसमें युवाओं को शामिल किया जाए। पंचायतें पुलिस प्रशासन के साथ भी तालमेल रखेंगी। गांव में आए मेहमान, किरायेदार की सूचना पंचायत को देनी होगी। अगर कोई भी संदिग्ध दिखाई देता है तो पुलिस को सूचना देनी जरूरी होगी।
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अब थानों में तैयार होगी वार्षिक रिपोर्ट
एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि पुलिस प्रशासन के कामकाज में तेजी लाने के लिए अब वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट शुरू की गई है। जिले के प्रत्येक थाना प्रभारी से लेकर डीएसपी रैंक के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें दर्ज मुकदमों, कार्रवाई, अदालती केसों का स्टेटस, शिकायतों का विवरण आदि दर्ज होंगे।
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