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बीकानेर कैंसर अस्पताल में चल रहे लंगर पर रोक हटाएं
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि राजस्थान के बीकानेर में स्थित कैंसर अस्पताल में मरीजों के लिए पंजाब की संगत द्वारा लगाए जाने वाले लंगर पर लगाई गई रोक तुरंत खत्म होनी चाहिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्थानीय जिला प्रशासन को इस मामले का जल्द हल ढूंढने के आदेश जारी करें। इस अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों व उनके परिजनों के लिए लगाए जाने वाले लंगर को रोकना मानवता के विरुद्ध है। राजस्थान सरकार को संगत द्वारा की जा रही इस सेवा की प्रशंसा कर उनकी मदद करनी चाहिए।
लौंगोवाल ने कहा कि कैंसर मरीज पहले ही मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान होते हैं। इन मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए लगाए जाने वाले लंगर को रोकना इन पीड़ितों की मुसीबतों को बढ़ाना है। मरीजों के परिजन यदि बाहर होटलों या ढाबों में लंगर छकते है तो उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। इस संदर्भ में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी को आदेश जारी किए हैं कि वह राजस्थान सरकार से संपर्क स्थापित कर इस मामले का हल निकालें। जल्द ही एसजीपीसी का एक वफद मुख्यमंत्री राजस्थान से मिलकर इस लंगर को दोबारा शुरू करने के बारे में आग्रह करेगा।
शिरोमणि पंथ अकाली बुड्ढा दल पांचवां तख्त के मुखिया बाबा बलबीर सिंह 96 करोड़ी ने भी बीकानेर में कैंसर के मरीजों के लिए चलाए जा रहे लंगर के शैड को तोड़ देने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मानवता के कल्याण के कार्यों में सरकारों को रोड़ा नहीं अटकाना चाहिए। गुरु साहिबान द्वारा चलाई गई परंपराओं को कदापि नहीं छेड़ना चाहिए। बाबा बलबीर सिंह के निजी सचिव बाबा दलजीत सिंह बेदी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि लंगर किसी एक श्रेणी या व्यक्ति विशेष के लिए नहीं होता है। लंगर में सभी धर्मों के लोग एक साथ लंगर छकते हैं। जब तक सरकार मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए लंगर का प्रबंध खुद नहीं करती तब तक संगत को सेवा करने से रोकना मानवता के विरुद्ध है।
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अमेरिका में सिख पर हमला चिंताजनक : लौंगोवाल
अमेरिका के कैलिफोर्निया की सेंटा कलारा काउंटी के एक डिप्टी शैरिफ सुखदीप सिंह गिल पर कुछ बंदूकधारियों द्वारा किए गए हमले की एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने सख्त शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि विदेशों में सिखों पर निरंतर नस्लीय हमले किए जा रहे हैं, जिससे सिखों के भीतर असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। उन्होंने विदेश मंत्री को विदेशों में सिखों पर नस्ली हमले रोकने के प्रति वहां की सरकारों से बातचीत करने का आग्रह किया।
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लौंगोवाल ने कहा कि कैंसर मरीज पहले ही मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान होते हैं। इन मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए लगाए जाने वाले लंगर को रोकना इन पीड़ितों की मुसीबतों को बढ़ाना है। मरीजों के परिजन यदि बाहर होटलों या ढाबों में लंगर छकते है तो उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। इस संदर्भ में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी को आदेश जारी किए हैं कि वह राजस्थान सरकार से संपर्क स्थापित कर इस मामले का हल निकालें। जल्द ही एसजीपीसी का एक वफद मुख्यमंत्री राजस्थान से मिलकर इस लंगर को दोबारा शुरू करने के बारे में आग्रह करेगा।
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शिरोमणि पंथ अकाली बुड्ढा दल पांचवां तख्त के मुखिया बाबा बलबीर सिंह 96 करोड़ी ने भी बीकानेर में कैंसर के मरीजों के लिए चलाए जा रहे लंगर के शैड को तोड़ देने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मानवता के कल्याण के कार्यों में सरकारों को रोड़ा नहीं अटकाना चाहिए। गुरु साहिबान द्वारा चलाई गई परंपराओं को कदापि नहीं छेड़ना चाहिए। बाबा बलबीर सिंह के निजी सचिव बाबा दलजीत सिंह बेदी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि लंगर किसी एक श्रेणी या व्यक्ति विशेष के लिए नहीं होता है। लंगर में सभी धर्मों के लोग एक साथ लंगर छकते हैं। जब तक सरकार मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए लंगर का प्रबंध खुद नहीं करती तब तक संगत को सेवा करने से रोकना मानवता के विरुद्ध है।
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अमेरिका में सिख पर हमला चिंताजनक : लौंगोवाल
अमेरिका के कैलिफोर्निया की सेंटा कलारा काउंटी के एक डिप्टी शैरिफ सुखदीप सिंह गिल पर कुछ बंदूकधारियों द्वारा किए गए हमले की एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने सख्त शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि विदेशों में सिखों पर निरंतर नस्लीय हमले किए जा रहे हैं, जिससे सिखों के भीतर असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। उन्होंने विदेश मंत्री को विदेशों में सिखों पर नस्ली हमले रोकने के प्रति वहां की सरकारों से बातचीत करने का आग्रह किया।