Amritsar: सांसद अमृतपाल के सात साथी अजनाला कोर्ट में पेश, चार दिन का पुलिस रिमांड मिला
अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में 200-250 हथियारबंद समर्थकों ने अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया था। उनका उद्देश्य अपने एक साथी को पुलिस हिरासत से छुड़ाना था। इस हमले के बाद, पुलिस ने अमृतपाल और उसके कई साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए थे।
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लोकसभा हलका खडूर साहिब से सांसद व खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के सात साथियों को पुलिस डिब्रूगढ़ की जेल से लेकर अमृतसर पहुंची और शुक्रवार सुबह सभी को अजनाला की अदालत में पेश किया गया।
इस दौरान पुलिस ने आरोपियों का सात दिन का रिमांड दिए जाने की अपील की थी, लेकिन अदालत ने आरोपियों को चार दिन रिमांड पर भेजा है। पुलिस ने अदालत में तर्क दिया था कि उक्त सभी आरोपियों से हथियार व इनके मोबाइल रिकवर किए जाने हैं, जिससे यह पता चला सके कि ये सभी किसी आतंकी संगठन के संपंर्क में तो नहीं हैं। डिब्रूगढ़ की जेल से लाए गए सभी आरोपियों को वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर किए गए हमले के केस में अदालत में पेश किया गया। इनमें भगवंत सिंह प्रधानमंत्री बाजेके, दलजीत सिंह कलसी, गुरमीत सिंह, बसंत सिंह, जीत सिंह, हरजीत सिंह और लवप्रीत सिंह उर्फ तूफान शामिल हैं। पंजाब सरकार की ओर से इन सभी से एनएसए हटा दिया गया है।
इसी के तहत इन सभी को अब पंजाब लाया गया और यहीं की जेलों में रखा जाएगा। हालांकि अमृतपाल सिंह, उसके साथी पप्पलप्रीत सिंह और वरिंदर विक्की पर एनएसए के मामले में शनिवार को सुनवाई होनी है। इस दौरान ही साफ हो पाएगा कि इन तीनों पर एनएसए जारी रहेगा या नहीं। अगर इनके ऊपर से भी एनएसए हटाया जाता है तो इसके बाद इन्हें भी पंजाब पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर अमृतसर ला पाएगी।
इस कारण किया था अजनाला थाने पर हमला
अमृतपाल सिंह की अगुवाई में चल रहे वारिस पंजाब दे संगठन से जुड़े हजारों लोगों ने 23 फरवरी 2023 को हथियारों से लैस होकर अजनाला थाने पर हमला कर दिया था, क्योंकि पुलिस ने किसी केस में अमृतपाल सिंह के करीबी लवप्रीत सिंह तूफान को गिरफ्तार किया था। ये सभी लोग उसे छुड़वाने के लिए थाने पर हमला करने पहुंच गए थे। इनके हमले के बाद दबाव में आई पंजाब पुलिस ने आरोपी को रिहा करने का ऐलान कर दिया था। पुलिस ने उग्र भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन ये उन्हें तोड़कर अंदर घुस गए। इसमें 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमृतपाल सिंह सहित अन्य सभी को गिरफ्तार किया था।