{"_id":"6ab9d9f91949c6717c09eec5","slug":"amarjit-chawla-case-sikh-organizations-ask-sgpc-president-harjinder-dhami-five-questions-72-hour-ultimatum-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरजीत सिंह चावला मामला: सिख संगठनों ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर धामी से पूछे पांच सवाल, 72 घंटे का अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरजीत सिंह चावला मामला: सिख संगठनों ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर धामी से पूछे पांच सवाल, 72 घंटे का अल्टीमेटम
Mon, 28 Sep 2026 08:37 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: Nivedita
Updated Mon, 28 Sep 2026 08:37 AM IST
सार
संगठनों ने सवाल उठाया कि बहरीन की महिला को नियमों और सिद्धांतों के विपरीत छह महीने तक एसजीपीसी की सरायों में ठहरने की सुविधा कैसे मिली। उन्होंने पूछा कि महिला के लिए बहरीन से टिकटों का इंतजाम किसके निर्देश पर किया गया।
विज्ञापन
हरजिंदर धामी
- फोटो : संवाद
विस्तार
बहरीन की महिला की शिकायत पर पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले को लेकर सिख संगठनों ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से जवाब मांगा है।
‘अलायंस ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशन’ के बैनर तले एकजुट हुए संगठनों ने धामी को 72 घंटे का समय देते हुए पांच सवालों के सार्वजनिक जवाब देने की मांग की है। संगठनों ने कहा कि जवाब नहीं मिलने पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मुलाकात कर धामी के इस्तीफे की मांग की जाएगी। मामले को लेकर एसजीपीसी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
सराय में ठहराने और सुविधाएं देने पर सवाल
संगठनों ने सवाल उठाया कि बहरीन की महिला को नियमों और सिद्धांतों के विपरीत छह महीने तक एसजीपीसी की सरायों में ठहरने की सुविधा कैसे मिली। उन्होंने पूछा कि महिला के लिए बहरीन से टिकटों का इंतजाम किसके निर्देश पर किया गया। उसे गाड़ी, ड्राइवर और वीआईपी सुविधाएं किसके कहने पर उपलब्ध कराई गईं और धर्म प्रचार कमेटी के खाते से एक लाख रुपये नकद किसके निर्देश पर दिए गए। संगठनों ने यह भी सवाल उठाया कि 21 अगस्त को मामला दर्ज होने के बावजूद एसजीपीसी प्रधान करीब एक महीने तक इस मामले पर चुप क्यों रहे।
विज्ञापन
एसजीपीसी ने कहा- जांच रिपोर्ट का इंतजार करें
एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने सिख संगठनों की मांग को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एसजीपीसी की सब-कमेटी गठित की गई है और पंजाब सरकार भी अपने स्तर पर जांच कर रही है। सब-कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट सौंपनी है। ऐसे में संगठनों को रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए। एसजीपीसी प्रधान धामी ने भी कहा है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद वह सवालों के जवाब देंगे।
रिटायर्ड जज की अगुवाई में जांच की मांग
अन्य पंथक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सिख थिंकर फोरम के राष्ट्रीय प्रधान एडवोकेट आरएस बिंद्रा और द सिख फोरम के प्रधान प्रो. हरि सिंह ने हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड सिख जज की अगुवाई में जांच कमेटी गठित करने, एसआईटी बनाने और पंथक मुद्दों पर चर्चा के लिए सरबत खालसा बुलाने की मांग की। जत्थेदार हवारा कमेटी से जुड़े प्रो. बलजिंदर सिंह, बापू गुरचरण सिंह, महाबीर सिंह सुल्तानविंड, डॉ. सुखदेव सिंह, बलदेव सिंह नवां पिंड और सुखराज सिंह वेरका समेत अन्य नेताओं ने भी धामी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विज्ञापन
‘अलायंस ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशन’ के बैनर तले एकजुट हुए संगठनों ने धामी को 72 घंटे का समय देते हुए पांच सवालों के सार्वजनिक जवाब देने की मांग की है। संगठनों ने कहा कि जवाब नहीं मिलने पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मुलाकात कर धामी के इस्तीफे की मांग की जाएगी। मामले को लेकर एसजीपीसी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
विज्ञापन
सराय में ठहराने और सुविधाएं देने पर सवाल
संगठनों ने सवाल उठाया कि बहरीन की महिला को नियमों और सिद्धांतों के विपरीत छह महीने तक एसजीपीसी की सरायों में ठहरने की सुविधा कैसे मिली। उन्होंने पूछा कि महिला के लिए बहरीन से टिकटों का इंतजाम किसके निर्देश पर किया गया। उसे गाड़ी, ड्राइवर और वीआईपी सुविधाएं किसके कहने पर उपलब्ध कराई गईं और धर्म प्रचार कमेटी के खाते से एक लाख रुपये नकद किसके निर्देश पर दिए गए। संगठनों ने यह भी सवाल उठाया कि 21 अगस्त को मामला दर्ज होने के बावजूद एसजीपीसी प्रधान करीब एक महीने तक इस मामले पर चुप क्यों रहे।
विज्ञापन
एसजीपीसी ने कहा- जांच रिपोर्ट का इंतजार करें
एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने सिख संगठनों की मांग को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एसजीपीसी की सब-कमेटी गठित की गई है और पंजाब सरकार भी अपने स्तर पर जांच कर रही है। सब-कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट सौंपनी है। ऐसे में संगठनों को रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए। एसजीपीसी प्रधान धामी ने भी कहा है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद वह सवालों के जवाब देंगे।
रिटायर्ड जज की अगुवाई में जांच की मांग
अन्य पंथक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सिख थिंकर फोरम के राष्ट्रीय प्रधान एडवोकेट आरएस बिंद्रा और द सिख फोरम के प्रधान प्रो. हरि सिंह ने हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड सिख जज की अगुवाई में जांच कमेटी गठित करने, एसआईटी बनाने और पंथक मुद्दों पर चर्चा के लिए सरबत खालसा बुलाने की मांग की। जत्थेदार हवारा कमेटी से जुड़े प्रो. बलजिंदर सिंह, बापू गुरचरण सिंह, महाबीर सिंह सुल्तानविंड, डॉ. सुखदेव सिंह, बलदेव सिंह नवां पिंड और सुखराज सिंह वेरका समेत अन्य नेताओं ने भी धामी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।