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किसानों का एक जत्था नंगली गांव से दिल्ली बार्डर रवाना
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भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहा) का एक जत्था रविवार को नंगली गांव से दिल्ली बार्डर के लिए रवाना हुआ। अटारी ब्लाक के इस जत्थे का नेतृत्व किसान नेता पलविंदर सिंह माहल, ब्लाक प्रधान कर्मजीत सिंह, महासचिव डॉ. परमिंदर सिंह ने किया।
किसान नेताओं ने जत्थे के दिल्ली बार्डर के लिए रवाना होने से पहले कहा कि किसान अब धान की बिजाई से मुक्त हो चुके हैं। एक बार फिर दिल्ली बार्डर पर किसानों का बड़ा इकट्ठ होगा। किसान आंदोलन को तेज किया जाएगा और यह आंदोलन कृषि कानून वापस लिए जाने तक जारी रहेगा। किसान नेता ने कहा कि धान की बिजाई के लिए कुछ किसानों के अपने खेतों में लौटने पर सरकार किसान आंदोलन को असफल मानने लगी थी, जो मोदी सरकार की बड़ी गलती है।
उन्होंने मोदी सरकार को चेतावनी के अंदाज में कहा कि वे किसानों को कमजोर नहीं समझे, क्योंकि जो किसान मिट्टी के साथ मिट्टी हो सकता है, वह अपने अधिकारों के लिए सरकार के खिलाफ बड़ा फैसला भी ले सकता है। उन्होंने कहा कि वे शात 7.30 बजे तक दिल्ली बार्डर पर पहुंच गए हैं और अब वहां अपने किसान साथियों के साथ मिलकर आंदोलन की नई रणनीति के तहत संघर्ष की शुरुआत करेंगे। इस अवसर पर किसान भजन सिंह, राजबीर नंबरदार, विनोद कुमार, सतिंदर सिंह, शमी शाह, बंटी बाबा, परगट सिंह, जगतार सिंह जहांगीर, नरिंदर सिंह पन्नू, अजीत पाल सिंह फतेहगढ़, लखविंदर मूधल, हरजिंदर पंडोरी भी उनके साथ मौजूद थे।
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किसान नेताओं ने जत्थे के दिल्ली बार्डर के लिए रवाना होने से पहले कहा कि किसान अब धान की बिजाई से मुक्त हो चुके हैं। एक बार फिर दिल्ली बार्डर पर किसानों का बड़ा इकट्ठ होगा। किसान आंदोलन को तेज किया जाएगा और यह आंदोलन कृषि कानून वापस लिए जाने तक जारी रहेगा। किसान नेता ने कहा कि धान की बिजाई के लिए कुछ किसानों के अपने खेतों में लौटने पर सरकार किसान आंदोलन को असफल मानने लगी थी, जो मोदी सरकार की बड़ी गलती है।
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उन्होंने मोदी सरकार को चेतावनी के अंदाज में कहा कि वे किसानों को कमजोर नहीं समझे, क्योंकि जो किसान मिट्टी के साथ मिट्टी हो सकता है, वह अपने अधिकारों के लिए सरकार के खिलाफ बड़ा फैसला भी ले सकता है। उन्होंने कहा कि वे शात 7.30 बजे तक दिल्ली बार्डर पर पहुंच गए हैं और अब वहां अपने किसान साथियों के साथ मिलकर आंदोलन की नई रणनीति के तहत संघर्ष की शुरुआत करेंगे। इस अवसर पर किसान भजन सिंह, राजबीर नंबरदार, विनोद कुमार, सतिंदर सिंह, शमी शाह, बंटी बाबा, परगट सिंह, जगतार सिंह जहांगीर, नरिंदर सिंह पन्नू, अजीत पाल सिंह फतेहगढ़, लखविंदर मूधल, हरजिंदर पंडोरी भी उनके साथ मौजूद थे।
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