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किसानों ने रोका रेल यातायात
Amritsar
Updated Sun, 19 May 2013 05:31 AM IST
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जंडियाला गुरु (अमृतसर)। तरनतारन के गांव जीओबाला में एक एएसआई की मौत मामले में 44 किसानों पर दर्ज की गई एफआईआर को रद करने के लिए चल रहा किसान आंदोलन तेज हो गया है। हजारों की संख्या में किसानों ने अमृतसर-दिल्ली रेल ट्रैक पर गांव जंडियाला गुरु के पास रेल यातायात रोक दिया। समाचार लिखे जाने तक देर रात किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। रेल प्रशासन ने तरनतारन से गोइंदवाल रेल पटरी से रेल सेवा को अमृतसर के लिए बहाल किया। अभी इस पटरी का शुभारंभ किया जाना है।
धरने के कारण बाद दोपहर अमृतसर से आनेजाने वाली सभी ट्रेनें प्रभावित हुईं। शताब्दी ट्रेन को रास्ते में रोक दिया गया। अमृतसर से शाम को चलने वाली कोई भी ट्रेन और डीएमयू नहीं चल सकी। इस से आम लोगों को भी मुश्किलें सहन करनी पड़ी। रेल ट्रैक पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि किसानों के आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार उनके 44 कार्यकर्ताओं पर दर्ज हत्या का झूठा मामला रद नहीं कर रही है। इस कारण पंजाब सरकार के खिलाफ किसानों का रोष बढ़ता जा रहा है। उनकी मांग है कि जेलों में बंद 11 किसान तुरंत रिहा किये जाएं। 44 किसानों पर दर्ज मामला रद किया जाए। किसानों की पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी के साथ बातचीत करवाई जाए। किसानों की बाकी मांगों को हल किया जाए। इस दौरान किसान नेताओं तेजिंदरपाल सिंह रसूलपुरा , सुखविंदर सिंह, गुरलाल सिंह, सुखविंदर कौर आदि ने संबोधित किया।
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धरने के कारण बाद दोपहर अमृतसर से आनेजाने वाली सभी ट्रेनें प्रभावित हुईं। शताब्दी ट्रेन को रास्ते में रोक दिया गया। अमृतसर से शाम को चलने वाली कोई भी ट्रेन और डीएमयू नहीं चल सकी। इस से आम लोगों को भी मुश्किलें सहन करनी पड़ी। रेल ट्रैक पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि किसानों के आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार उनके 44 कार्यकर्ताओं पर दर्ज हत्या का झूठा मामला रद नहीं कर रही है। इस कारण पंजाब सरकार के खिलाफ किसानों का रोष बढ़ता जा रहा है। उनकी मांग है कि जेलों में बंद 11 किसान तुरंत रिहा किये जाएं। 44 किसानों पर दर्ज मामला रद किया जाए। किसानों की पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी के साथ बातचीत करवाई जाए। किसानों की बाकी मांगों को हल किया जाए। इस दौरान किसान नेताओं तेजिंदरपाल सिंह रसूलपुरा , सुखविंदर सिंह, गुरलाल सिंह, सुखविंदर कौर आदि ने संबोधित किया।
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