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अजनाला में चुनावी प्रचार के दौरान खूनी संघर्ष
Amritsar
Updated Sat, 18 May 2013 05:31 AM IST
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अमृतसर। तहसील अजनाला के गांव चक्क मिश्री खां में ब्लॉक समिति और जिला परिषद के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन शुक्रवार को कांग्रेसी और अकाली आपस में भिड़ गए। इस खूनी झड़प में दोनों और से हुई गोलीबारी में दोनों पार्टियों के एक-एक कार्यकर्ता की मौत हो गई जबकि छह लोग जख्मी हो गए। पुलिस ने मारे गए कांग्रेसी कार्यकर्ता के बेटे की शिकायत पर 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर लिया है। पंजाब में 19 मई को ब्लॉक समिति और जिला परिषद के चुनाव होने हैं।
अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी मनमोहन सिंह बताया कि गांव कांग्रेसी गुट का नेतृत्व मास्टर मंजीत सिंह और अकाली गुट का नेतृत्व जागीर सिंह कर रहे थे। दोनों ग्रुप वोट के लिए घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे। इस दौरान गांव में ही दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं में तकरार हो गई। पहले हाथापाई हुई और फिर कुछ लोगों की पगड़ियां उतर गई। इतने में एक गुट के लोगोें ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। इसी के चलते दूसरे गुट ने भी फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में कांग्रेस के कार्यकर्ता गुरजिंदर सिंह और अकाली वर्कर बलकार सिंह की मौत हो गई। आधा दर्जन के करीब लोगों को छर्रे लगे। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा के बाद घर भेज दिया गया। दोनों पक्षों में कई वर्षों से रंजिश चल रही थी। गांव के कांग्रेस के वर्करों ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार के दौरान सब से पहले अकाली दल के लोगों ने हमला किया है। वहीं मारे गए अकाली वर्कर बलकार सिंह के भाई का कहना है कि उनके परिवार की किसी के साथ दुश्मनी नहीं है, फिर उसके भाई को क्यों मार दिया गया। उन्होंने कांग्रेसियों पर पहले हमला करने पर आरोप लगाए।
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अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी मनमोहन सिंह बताया कि गांव कांग्रेसी गुट का नेतृत्व मास्टर मंजीत सिंह और अकाली गुट का नेतृत्व जागीर सिंह कर रहे थे। दोनों ग्रुप वोट के लिए घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे। इस दौरान गांव में ही दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं में तकरार हो गई। पहले हाथापाई हुई और फिर कुछ लोगों की पगड़ियां उतर गई। इतने में एक गुट के लोगोें ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। इसी के चलते दूसरे गुट ने भी फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में कांग्रेस के कार्यकर्ता गुरजिंदर सिंह और अकाली वर्कर बलकार सिंह की मौत हो गई। आधा दर्जन के करीब लोगों को छर्रे लगे। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा के बाद घर भेज दिया गया। दोनों पक्षों में कई वर्षों से रंजिश चल रही थी। गांव के कांग्रेस के वर्करों ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार के दौरान सब से पहले अकाली दल के लोगों ने हमला किया है। वहीं मारे गए अकाली वर्कर बलकार सिंह के भाई का कहना है कि उनके परिवार की किसी के साथ दुश्मनी नहीं है, फिर उसके भाई को क्यों मार दिया गया। उन्होंने कांग्रेसियों पर पहले हमला करने पर आरोप लगाए।
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