फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   अल्पसंख्यक कोटे में दाखिल किए पतित सिख विद्यार्थी

अल्पसंख्यक कोटे में दाखिल किए पतित सिख विद्यार्थी

Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
Amritsar
Amritsar Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
अमृतसर। एसजीपीसी के प्रबंधों के अधीन चल रहा श्री गुरु राम दास मेडिकल कालेज एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। एनजीओ पंजाब मानवीय अधिकार संगठन ने सबूतों के साथ आरोप लगाए हैं कि गुरु राम दास मेडिकल कालेज और गुरु राम दास डेंटल कालेज में अल्प संख्यक सिख कोटा के तहत बहुत सारे पतित सिख विद्यार्थियों को दाखिले एसजीपीसी ने नियमों के खिलाफ दे दिए हैं। इस विषय को लेकर इस संगठन ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को एक पत्र लिख कर धार्मिक तौर पर इस मामले का नोटिस लेने की मांग की है।
विज्ञापन

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को सौंपे पत्र में संगठन के मुखी रिटायर जस्टिस अजीत सिंह बैंस ने कहा कि उनके संगठन की टीम ने एसजीपीसी के प्रबंधों के अधीन चल रहे विभिन्न शिक्षण संस्थानों का दौरा किया तो रिकार्ड देखने के बाद कई अनियमितताएं सामने आई है। इस सारे मामले में एसजीपीसी के पदाधिकारी और अस्पतालों के कई उच्च अधिकारी सीधे रूप में आपस में मिल कर सब गलत कर रहे है।
विज्ञापन

जस्टिस बैंस ने यह भी खुलासा किया है जो सीटें अल्पसंख्या सिख कोटा के तहत भरी जानी थीं उन सीटों को भी गैर सिखों और पतित सिखों से भर कर एसजीपीसी द्वारा स्थापित नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ के ओएसडी और गुरु राम दास मेडिकल ट्रस्ट के सचिव जोगिंदर सिंह के साथ संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि दाखिलाें के समय पूरी तरह नियमों का पालन किया जाता है। दाखिलों के वक्त दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की वीडियोग्राफी भी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed