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विकलांग सैनिकों के समर्थन में कैंडल मार्च निकाला
Updated Thu, 22 Nov 2018 09:59 PM IST
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विकलांग सैनिकों के समर्थन में कैंडल मार्च निकाला
गुरदासपुर। राम लीला मैदान नई दिल्ली में एक समान विकलांग पेंशन की मांग को लेकर विकलांग सैनिकों द्वारा 15 नवंबर 2018 से शुरू की भूख हड़ताल के समर्थन में आज पूर्व सैनिक संघर्ष कमेटी गुरदासपुर द्वारा जिलाध्यक्ष एसपी सिंह गौसल के नेतृत्व में स्थानीय गुरु नानक पार्क में कैंडल मार्च निकाला गया। उन्होंने बताया कि इस भूख हड़ताल में शामिल 100 युद्ध सैनिक हैं, जिनकी किसी की दोनों टांगे नहीं है, किसी के हाथ नहीं है और किसी ने अपनी आंखें भी देश से कुर्बान कर दी जोकि स्वयं उठ बैठ भी नहीं सकते। इन सभी सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए 1962, 1965, 1971 श्रीलंका, कारगिल युद्ध व अन्य आपरेशनों में अंगहीन हुए हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने इनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। यह अधिकारी अगर 100 प्रतिशत विकलांग होता है तो 2 लाख 60 हजार लेकिन जवान को मात्र 24 हजार रुपये पेंशन मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने इन विकलांग सैनिकों की मांगों की तरफ ध्यान न दिया तो देश भर में पूर्व सैनिक सड़कों पर निकलने को मजबूर होंगे।
22जीडीआर6- कैंडल मार्च निकालते हुए।
गुरदासपुर। राम लीला मैदान नई दिल्ली में एक समान विकलांग पेंशन की मांग को लेकर विकलांग सैनिकों द्वारा 15 नवंबर 2018 से शुरू की भूख हड़ताल के समर्थन में आज पूर्व सैनिक संघर्ष कमेटी गुरदासपुर द्वारा जिलाध्यक्ष एसपी सिंह गौसल के नेतृत्व में स्थानीय गुरु नानक पार्क में कैंडल मार्च निकाला गया। उन्होंने बताया कि इस भूख हड़ताल में शामिल 100 युद्ध सैनिक हैं, जिनकी किसी की दोनों टांगे नहीं है, किसी के हाथ नहीं है और किसी ने अपनी आंखें भी देश से कुर्बान कर दी जोकि स्वयं उठ बैठ भी नहीं सकते। इन सभी सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए 1962, 1965, 1971 श्रीलंका, कारगिल युद्ध व अन्य आपरेशनों में अंगहीन हुए हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने इनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। यह अधिकारी अगर 100 प्रतिशत विकलांग होता है तो 2 लाख 60 हजार लेकिन जवान को मात्र 24 हजार रुपये पेंशन मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने इन विकलांग सैनिकों की मांगों की तरफ ध्यान न दिया तो देश भर में पूर्व सैनिक सड़कों पर निकलने को मजबूर होंगे।
22जीडीआर6- कैंडल मार्च निकालते हुए।