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स्पीड गर्व्नर के बिना और ओवरलोड 12 स्कूली वाहनों के काटे चलान
Updated Sat, 29 Sep 2018 10:38 PM IST
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अवश्यकता से अधिक बच्चे बिठाने पर 12 वाहनों के काटे चलान
जिला बाल सुरक्षा विभाग ने ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर की कार्रवाई।
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। जिला बाल सुरक्षा विभाग की ओर से शाहपुर कंडी में नाके लगा सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी को लागू न करने वाले स्कूली वाहनों के चालान काटे। बाल सुरक्षा विभाग के लीगल अफसर गौरव शर्मा के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस के एएसआई देवराज ने नाका लगाकर 12 वाहनों के चालान काटे। गौरव ने बताया जिन वाहनों के चालान काटे गए हैं, उनमें से अधिकतर वाहन ऐसे थे जिनमें स्पीड गवर्नर नहीं थे, ओवरलोडिंग की गई थी। इसके अलावा गाड़ियों पर स्कूलों का नाम न होना, स्कूली वैन में महिला अटेंडेंट होना, सीसीटीवी न होने और रंग बिरंगी स्कूल बसों के चालान भी काटे गए। बताया कि स्कूली वाहनों के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने केवल पीले रंग को ही मान्यता दी है हर स्कूली वाहन पर पीला पेंट होना चाहिए। इसके अलावा उस पर स्कूल का नाम लिखा होना चाहिए, वही स्कूल बस या अन्य वाहनों के पीछे ट्रांसपोर्ट अधिकारी स्कूल प्रिंसिपल और ट्रैफिक पुलिस के नंबर होने चाहिए ताकि रैश ड्राइविंग करने पर ड्राइवर पर कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर बाल सुरक्षा विभाग से नरिंद्र कौर और ट्रैफिक कर्मचारी मनजीत भी साथ थे।
फोटो:-1-शाहपुरकंडी में स्कूली वाहनों के चालान काटते अधिकारी।
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जिला बाल सुरक्षा विभाग ने ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर की कार्रवाई।
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। जिला बाल सुरक्षा विभाग की ओर से शाहपुर कंडी में नाके लगा सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी को लागू न करने वाले स्कूली वाहनों के चालान काटे। बाल सुरक्षा विभाग के लीगल अफसर गौरव शर्मा के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस के एएसआई देवराज ने नाका लगाकर 12 वाहनों के चालान काटे। गौरव ने बताया जिन वाहनों के चालान काटे गए हैं, उनमें से अधिकतर वाहन ऐसे थे जिनमें स्पीड गवर्नर नहीं थे, ओवरलोडिंग की गई थी। इसके अलावा गाड़ियों पर स्कूलों का नाम न होना, स्कूली वैन में महिला अटेंडेंट होना, सीसीटीवी न होने और रंग बिरंगी स्कूल बसों के चालान भी काटे गए। बताया कि स्कूली वाहनों के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने केवल पीले रंग को ही मान्यता दी है हर स्कूली वाहन पर पीला पेंट होना चाहिए। इसके अलावा उस पर स्कूल का नाम लिखा होना चाहिए, वही स्कूल बस या अन्य वाहनों के पीछे ट्रांसपोर्ट अधिकारी स्कूल प्रिंसिपल और ट्रैफिक पुलिस के नंबर होने चाहिए ताकि रैश ड्राइविंग करने पर ड्राइवर पर कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर बाल सुरक्षा विभाग से नरिंद्र कौर और ट्रैफिक कर्मचारी मनजीत भी साथ थे।
फोटो:-1-शाहपुरकंडी में स्कूली वाहनों के चालान काटते अधिकारी।