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नामजदगी के लिए 3 बजे की थी डेडलाइन, लाइनों में लग 2 बजे तक टिकटें लेते रहे कांग्रेसी
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:40 PM IST
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नामजदगी के लिए 3 बजे थी डेडलाइन, 2 बजे तक टिकटें लेते रहे कांग्रेसी
-शहर के बाहर होटल डीपी रेजिडेंसी में ऑब्जर्वर इंद्रबीर सिंह बोलारिया बांटते रहे टिकटें
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। 22 सितंबर को जिला के छह ब्लाकों की 92 ब्लाक समिति व 10 जिला परिषद सीटों के लिए चुनाव आयोग ने नामजदगी के लिए दोपहर 3 बजे तक का समय निर्धारित किया था। टिकटों पर सहमति न बन पाने के कारण तीनों हलकों के दावेदार और उनके आकाओं ने शहर के बाहर डीपी रेजीडेंसी में डेरा डाला था। सुबह 9 बजे से अपनी बारी के इंतजार में बैठे टिकट के दावेदार 2 बजे तक डीपी रेंजिडेंसी में डटे रहे। इस दौरान कुछ लोग स्क्रीनिंग कमेटी के कमरे के बाहर लाइन में तो कुछ वेटिंग हाल में अपनी बारी का इंतजार करते रहे। आखिरकार, 2 बजे तक ऑब्जर्वर इंद्रबीर सिंह बोलारिया ने सभी सीटों पर टिकटें डिक्लेयर कर दीं और प्रत्याशियों को नॉमिनेशन के लिए भेजा। इस दौरान सुजानपुर हलके के विधानसभा चुनाव के दावेदारों में विनय महाजन, साहिब सिंह साबा, दविन्द्र दर्शी, नरेश पुरी और चुनाव लड़ चुके अमित मंटू अपने-अपने खेमे के नेताओं को टिकट दिलवाने पर अड़े रहे, जिसके चलते टिकटें फाइनल करने में दिक्कत पेश आई। दोपहर को सभी नेताओं में सहमति बनी और कांग्रेस के सिंबल अलॉट कर दिए गए। वहीं, सुबह से दोपहर तक खाली बैठे रिटर्निंग अफसरों के दफ्तरों के बाहर 2 बजे के बाद भारी भीड़ जुट गई। ऑब्जर्वर इंद्रबीर सिंह ने माना कि जिला में टिकटों को लेकर लड़ाई थी पर उसे सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा संकेत है, लोग अच्छी चीज के लिए लड़ते हैं, जबकि इसके उलट भाजपा को प्रत्याशी नहीं मिल रहे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस भारी मतों से जीतेगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल विज ने कहा कि किसी प्रकार का विवाद नहीं है, लोगों को टिकटें समय रहते अलॉट कर दी गई थीं।
फोटो:-3-होटल डीपी रेंजीडेंसी में अपनी बारी का इंतजार करते कांग्रेसी टिकटों के दावेदार।
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-शहर के बाहर होटल डीपी रेजिडेंसी में ऑब्जर्वर इंद्रबीर सिंह बोलारिया बांटते रहे टिकटें
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। 22 सितंबर को जिला के छह ब्लाकों की 92 ब्लाक समिति व 10 जिला परिषद सीटों के लिए चुनाव आयोग ने नामजदगी के लिए दोपहर 3 बजे तक का समय निर्धारित किया था। टिकटों पर सहमति न बन पाने के कारण तीनों हलकों के दावेदार और उनके आकाओं ने शहर के बाहर डीपी रेजीडेंसी में डेरा डाला था। सुबह 9 बजे से अपनी बारी के इंतजार में बैठे टिकट के दावेदार 2 बजे तक डीपी रेंजिडेंसी में डटे रहे। इस दौरान कुछ लोग स्क्रीनिंग कमेटी के कमरे के बाहर लाइन में तो कुछ वेटिंग हाल में अपनी बारी का इंतजार करते रहे। आखिरकार, 2 बजे तक ऑब्जर्वर इंद्रबीर सिंह बोलारिया ने सभी सीटों पर टिकटें डिक्लेयर कर दीं और प्रत्याशियों को नॉमिनेशन के लिए भेजा। इस दौरान सुजानपुर हलके के विधानसभा चुनाव के दावेदारों में विनय महाजन, साहिब सिंह साबा, दविन्द्र दर्शी, नरेश पुरी और चुनाव लड़ चुके अमित मंटू अपने-अपने खेमे के नेताओं को टिकट दिलवाने पर अड़े रहे, जिसके चलते टिकटें फाइनल करने में दिक्कत पेश आई। दोपहर को सभी नेताओं में सहमति बनी और कांग्रेस के सिंबल अलॉट कर दिए गए। वहीं, सुबह से दोपहर तक खाली बैठे रिटर्निंग अफसरों के दफ्तरों के बाहर 2 बजे के बाद भारी भीड़ जुट गई। ऑब्जर्वर इंद्रबीर सिंह ने माना कि जिला में टिकटों को लेकर लड़ाई थी पर उसे सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा संकेत है, लोग अच्छी चीज के लिए लड़ते हैं, जबकि इसके उलट भाजपा को प्रत्याशी नहीं मिल रहे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस भारी मतों से जीतेगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल विज ने कहा कि किसी प्रकार का विवाद नहीं है, लोगों को टिकटें समय रहते अलॉट कर दी गई थीं।
फोटो:-3-होटल डीपी रेंजीडेंसी में अपनी बारी का इंतजार करते कांग्रेसी टिकटों के दावेदार।