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गन्ने की अदायगियां न होने के विरोध में किसानों ने की नारेबाजी
Updated Wed, 04 Jul 2018 10:20 PM IST
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गन्ने की अदायगी न होने के विरोध में किसानों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। पंजाब के गन्ना उत्पादक किसानों का वर्ष 2017-18 का अरबों रुपये बकाया गन्ना मिलों की तरफ पड़ा है। इन अदायगियों की प्राप्ति के लिए किसानों ने बुधवार को पगड़ी संभाल जट्टा लहर के नेतृत्व में पुराना शाला में प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान नेताओं ने गन्ना मिल प्रबंधकों के विरुद्ध किसानों को एकजुट किया। इस दौरान किसानों ने मिल प्रबंधकों की किसान मारू नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
पगड़ी संभाल जट्टा के संयोजक कंवलप्रीत सिंह काकी ने कहा कि समूह पंजाब के किसानों का 876 करोड़ रुपये मिलों की तरफ बकाया है। इसमें से हलका के किसानों का मुकेरियां मिल में 95 करोड़ और कीड़ी अफगाना मिल में 110 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने कहा कि इन बकायों के लिए किसान हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक स्वामीनाथन रिपोर्ट को पूर्णता लागू नहीं किया जाता किसानों का भला नहीं हो सकता। गुरप्रताप सिंह ने कहा कि किसानों को आगामी गन्ने की फसल के लिए अब से ही एकजुट होना पड़ेगा। इसलिए अब गांव-गांव जाकर किसानों से बैठक करेंगे। इस दौरान किसानों ने मिल प्रबंधकों के विरुद्ध रोष प्रदर्शन किया। धरने को ठाकुर जगदेव सिंह, सतनाम बागड़िया, बलदेव सेखवां, बलबीर सिंह, बलजिन्द्र सिंह, बलजीत सिंह उपस्थित थे।
04जीडीआर3- रोष प्रदर्शन करते हुए किसान।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। पंजाब के गन्ना उत्पादक किसानों का वर्ष 2017-18 का अरबों रुपये बकाया गन्ना मिलों की तरफ पड़ा है। इन अदायगियों की प्राप्ति के लिए किसानों ने बुधवार को पगड़ी संभाल जट्टा लहर के नेतृत्व में पुराना शाला में प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान नेताओं ने गन्ना मिल प्रबंधकों के विरुद्ध किसानों को एकजुट किया। इस दौरान किसानों ने मिल प्रबंधकों की किसान मारू नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
पगड़ी संभाल जट्टा के संयोजक कंवलप्रीत सिंह काकी ने कहा कि समूह पंजाब के किसानों का 876 करोड़ रुपये मिलों की तरफ बकाया है। इसमें से हलका के किसानों का मुकेरियां मिल में 95 करोड़ और कीड़ी अफगाना मिल में 110 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने कहा कि इन बकायों के लिए किसान हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक स्वामीनाथन रिपोर्ट को पूर्णता लागू नहीं किया जाता किसानों का भला नहीं हो सकता। गुरप्रताप सिंह ने कहा कि किसानों को आगामी गन्ने की फसल के लिए अब से ही एकजुट होना पड़ेगा। इसलिए अब गांव-गांव जाकर किसानों से बैठक करेंगे। इस दौरान किसानों ने मिल प्रबंधकों के विरुद्ध रोष प्रदर्शन किया। धरने को ठाकुर जगदेव सिंह, सतनाम बागड़िया, बलदेव सेखवां, बलबीर सिंह, बलजिन्द्र सिंह, बलजीत सिंह उपस्थित थे।
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04जीडीआर3- रोष प्रदर्शन करते हुए किसान।