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परीक्षा का परिणाम वैबसाईट पर डालना समूचे प्रिंसीपलों व हैडमास्टरों की तौहीन
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:44 PM IST
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परीक्षा का परिणाम वेबसाइट पर डालकर की तौहीन
प्रिंसिपलों के फेल होने के मामले में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। गुरदासपुर के जिला शिक्षा कार्यालय सेकेंडरी की ओर से विभागीय परीक्षा में फेल होने वाले स्कूल मुखियों के नाम, स्कूल व मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने का डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब गुरदासपुर ने रोष जताया। सदस्यों ने कह कि सरकारी स्कूलों की कार्यगुजारी पर सवालिया चिह्न लगाकर लोगों का विश्वास उठाने की ओच्छी कोशिश की गई है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब के प्रादेशिक अध्यक्ष अमरजीत शास्त्री ने सभी स्कूल मुखियों, प्रिंसिपलों के पक्ष में नारे लगाते हुए कहा कि 50 स्कूलों के मुखियों के विभागीय परीक्षा में फेल होने की तह तक जांच होनी चाहिए और कार्यालय के कर्मचारियों को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रेस को जानकारी देते हुए फ्रंट के वित्त सचिव अमरजीत सिंह मनी प्रिंसिपल ने कहा कि 15 अगस्त 2018 को सरकारी कालेज गुरदासपुर में 136 स्कूलों के मुखियों को जिला शिक्षा कार्यालय सेकेंडरी गुरदासपुर की ओर से स्कूल अध्यापकों की हाजिरी के बावजूद गैर हाजिर घोषित कर कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। अब 3 जुलाई को हुए सिविल सर्विसिस रूलज बारे आम जानकारी की परीक्षा का परिणाम वेबसाईट पर डालकर कार्यालय में बैठे अधिकारियों द्वारा समूचे प्रिंसिपलों व हेडमास्टरों की तौहीन की है। उन्होंने परीक्षा में पास होने वाले मुखियों के नाम न जारी न करने पीछे बड़े खेल की शंका जताई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 अप्रैल से 7 अप्रैल तक मोहाली में स्कूलों में वेतनों तथा अन्य प्रबंधकीय जिम्मेदारियों की जानकारी के लिए समूचे स्कूल मुखियों को कुछ समय कोर्स कार्यक्रम किया गया था और उस संबंधी सफलता बारे पुन: सूचना लेने के लिए 3 जुलाई को गुरदासपुर में टेस्ट लिया गया था, जिस बारे स्पष्ट निर्देश न होने कारण स्कूल मुखियों ने मात्र पास होने तक ही सीमित मान कर सिविल सर्विसेज रूलज बारे अपने लिखित विचार दिए। इस परीक्षा का उनकी कार्यप्रणाली से कोई सम्बन्ध न होने के बावजूद भी फेल होने की सूचना जारी होने पर रोष व्याप्त होना अनिवार्य है। डेमोक्रेटिक टीचर्ज फ्रंट पंजाब गुरदासपुर के महासचिव हरजिन्द्र सिंह वडाला बांगर ने कहा कि स्कूल मुखियों को विभागीय भय, इमरजेंसी से बाहर निकालना चाहिए। इसलिए संगठन संघर्ष करने को तैयार है और पांच सितंबर को अध्यापक दिवस पर दूसरे अध्यापक संगठनों को साथ लेकर संघर्ष किया जाएगा। इस अवसर पर बलवंत सिंह नड़ावाली, उपकार सिंह वडाला बांगर, महिन्द्र सिंह तिब्बड़, हरविन्द्र सिंह, लखबीर सिंह फतेहगढ़ चूड़िया, हरदीप राज, राम पिण्डोरी, रजिन्द्र कुमार शर्मा, वर्गिस सलामत, चरणजीत भट्टिया ने जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बाला से आग्रह किया है कि संगठन के साथ मीटिंग करके अध्यापकों के मामलों का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए।
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प्रिंसिपलों के फेल होने के मामले में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। गुरदासपुर के जिला शिक्षा कार्यालय सेकेंडरी की ओर से विभागीय परीक्षा में फेल होने वाले स्कूल मुखियों के नाम, स्कूल व मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने का डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब गुरदासपुर ने रोष जताया। सदस्यों ने कह कि सरकारी स्कूलों की कार्यगुजारी पर सवालिया चिह्न लगाकर लोगों का विश्वास उठाने की ओच्छी कोशिश की गई है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब के प्रादेशिक अध्यक्ष अमरजीत शास्त्री ने सभी स्कूल मुखियों, प्रिंसिपलों के पक्ष में नारे लगाते हुए कहा कि 50 स्कूलों के मुखियों के विभागीय परीक्षा में फेल होने की तह तक जांच होनी चाहिए और कार्यालय के कर्मचारियों को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रेस को जानकारी देते हुए फ्रंट के वित्त सचिव अमरजीत सिंह मनी प्रिंसिपल ने कहा कि 15 अगस्त 2018 को सरकारी कालेज गुरदासपुर में 136 स्कूलों के मुखियों को जिला शिक्षा कार्यालय सेकेंडरी गुरदासपुर की ओर से स्कूल अध्यापकों की हाजिरी के बावजूद गैर हाजिर घोषित कर कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। अब 3 जुलाई को हुए सिविल सर्विसिस रूलज बारे आम जानकारी की परीक्षा का परिणाम वेबसाईट पर डालकर कार्यालय में बैठे अधिकारियों द्वारा समूचे प्रिंसिपलों व हेडमास्टरों की तौहीन की है। उन्होंने परीक्षा में पास होने वाले मुखियों के नाम न जारी न करने पीछे बड़े खेल की शंका जताई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 अप्रैल से 7 अप्रैल तक मोहाली में स्कूलों में वेतनों तथा अन्य प्रबंधकीय जिम्मेदारियों की जानकारी के लिए समूचे स्कूल मुखियों को कुछ समय कोर्स कार्यक्रम किया गया था और उस संबंधी सफलता बारे पुन: सूचना लेने के लिए 3 जुलाई को गुरदासपुर में टेस्ट लिया गया था, जिस बारे स्पष्ट निर्देश न होने कारण स्कूल मुखियों ने मात्र पास होने तक ही सीमित मान कर सिविल सर्विसेज रूलज बारे अपने लिखित विचार दिए। इस परीक्षा का उनकी कार्यप्रणाली से कोई सम्बन्ध न होने के बावजूद भी फेल होने की सूचना जारी होने पर रोष व्याप्त होना अनिवार्य है। डेमोक्रेटिक टीचर्ज फ्रंट पंजाब गुरदासपुर के महासचिव हरजिन्द्र सिंह वडाला बांगर ने कहा कि स्कूल मुखियों को विभागीय भय, इमरजेंसी से बाहर निकालना चाहिए। इसलिए संगठन संघर्ष करने को तैयार है और पांच सितंबर को अध्यापक दिवस पर दूसरे अध्यापक संगठनों को साथ लेकर संघर्ष किया जाएगा। इस अवसर पर बलवंत सिंह नड़ावाली, उपकार सिंह वडाला बांगर, महिन्द्र सिंह तिब्बड़, हरविन्द्र सिंह, लखबीर सिंह फतेहगढ़ चूड़िया, हरदीप राज, राम पिण्डोरी, रजिन्द्र कुमार शर्मा, वर्गिस सलामत, चरणजीत भट्टिया ने जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बाला से आग्रह किया है कि संगठन के साथ मीटिंग करके अध्यापकों के मामलों का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए।
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