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केमिस्टो के दो धड़े होने के कारण तरनतारन में बंद को नहीं मिल सका पूर्ण समर्थन
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:33 PM IST
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केमिस्ट दो फाड़, बंद का मिला-जुला असर
तरनतारन में ई फार्मेसी के विरोध में दोनों धड़ों ने सरकार को कोसा
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। इंडियन केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में शुक्रवार को देशभर में हड़ताल का आवाहन किया गया था।तरनतारन में केमिस्टों के दो धड़े होने के कारण बंद का मिलाजुला असर रहा।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन से संबंधित दवा विक्रेताओं ने जिलाध्यक्ष बिमल अग्रवाल के निर्देश पर अपनी दुकानें बंद रख हड़ताल को समर्थन दिया।केमिस्ट ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने चेयरमैन सुखबीर सिंह सग्गू के निर्देश पर अपनी दुकानें खोल कर हड़ताल को समर्थन नहीं दिया। हालांकि दोनों धड़ों से संबंधित दवा विक्रेता इस बात पर एकजुट नजर आए की यदि बड़ी दवा कंपनियों को ऑनलाइन दवा बिक्री की मंजूरी मिलती है, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही समाज में नशे से संबंधित प्रतिबंधित दवाएं भी ऑनलाइन बिक्री के कारण घर घर पहुंचकर युवा वर्ग को पथभ्रष्ट कर सकती हैं।
केमिस्ट ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों का कहना है कि जिला तरनतारन में बाढ़ आने के कारण बहुत नुकसान हुआ है। इससे बीमारियां फैलने का भय बना है। बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन को सहयोग देते हुए व आम लोगों को दर्वा उपलब्ध करवाने के लिए केमिस्ट ऑर्गेनाइजेशन आज की हड़ताल को न मानते हुए अपनी दुकानें बंद नहीं कर रही। वह अपनी दुकानें खोल कर और बाजू पर काली पट्टियां बांधकर ऑनलाइन फार्मेसी का विरोध कर रहे हैं।
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दूसरी तरफ केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बिमल अग्रवाल ने कहा कि इंडियन केमिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर जिला तरनतारन की इकाई से संबंधित सभी दवा विक्रेता आज पूरी तरह हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दवा विक्रेता अपने व्यक्तिगत हितों के कारण इस बंद का समर्थन नहीं कर रहे। उन्होंने दावा किया कि तरनतारन के 11 ब्लाकों में केमिस्ट एसोसिएशन से संबंधित सभी दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रख हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया है।
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तरनतारन में ई फार्मेसी के विरोध में दोनों धड़ों ने सरकार को कोसा
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। इंडियन केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में शुक्रवार को देशभर में हड़ताल का आवाहन किया गया था।तरनतारन में केमिस्टों के दो धड़े होने के कारण बंद का मिलाजुला असर रहा।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन से संबंधित दवा विक्रेताओं ने जिलाध्यक्ष बिमल अग्रवाल के निर्देश पर अपनी दुकानें बंद रख हड़ताल को समर्थन दिया।केमिस्ट ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने चेयरमैन सुखबीर सिंह सग्गू के निर्देश पर अपनी दुकानें खोल कर हड़ताल को समर्थन नहीं दिया। हालांकि दोनों धड़ों से संबंधित दवा विक्रेता इस बात पर एकजुट नजर आए की यदि बड़ी दवा कंपनियों को ऑनलाइन दवा बिक्री की मंजूरी मिलती है, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही समाज में नशे से संबंधित प्रतिबंधित दवाएं भी ऑनलाइन बिक्री के कारण घर घर पहुंचकर युवा वर्ग को पथभ्रष्ट कर सकती हैं।
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केमिस्ट ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों का कहना है कि जिला तरनतारन में बाढ़ आने के कारण बहुत नुकसान हुआ है। इससे बीमारियां फैलने का भय बना है। बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन को सहयोग देते हुए व आम लोगों को दर्वा उपलब्ध करवाने के लिए केमिस्ट ऑर्गेनाइजेशन आज की हड़ताल को न मानते हुए अपनी दुकानें बंद नहीं कर रही। वह अपनी दुकानें खोल कर और बाजू पर काली पट्टियां बांधकर ऑनलाइन फार्मेसी का विरोध कर रहे हैं।
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दूसरी तरफ केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बिमल अग्रवाल ने कहा कि इंडियन केमिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर जिला तरनतारन की इकाई से संबंधित सभी दवा विक्रेता आज पूरी तरह हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दवा विक्रेता अपने व्यक्तिगत हितों के कारण इस बंद का समर्थन नहीं कर रहे। उन्होंने दावा किया कि तरनतारन के 11 ब्लाकों में केमिस्ट एसोसिएशन से संबंधित सभी दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रख हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया है।