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आंगनबाड़ी वर्करों व हैल्परों ने पंजाब सरकार के खिलाफ किया रोष प्रदर्शन
Updated Tue, 01 May 2018 09:16 PM IST
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हरियाणा की तर्ज पर मांगा मानभत्ता
आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ किया रोष प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
आल इंडिया आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन की जिला इकाई ने मंगलवार को काला दिवस मनाया। यूनियन की प्रदेश कमेटी के फैसले अनुसार ब्लाक पठानकोट, सुजानपुर, नरोट जैमल सिंह, धार, बमियाल में रोष प्रदर्शन किया गया। इसके बाद वर्करों ने डीसी नीलिमा को मांग पत्र सौंपा ा।
जिला प्रधान संगीता शर्मा ने बताया कि यूनियन के प्रदेश प्रधान हरगोबिंद कौर की अगुवाई में जत्थेबंदियों की ओर से पिछले लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है और बठिंडा स्थित वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के कार्यालय के आगे लगाऐ दिन रात रोष धराने को आज 93 दिन बीत गए हैं। इसके बाद भी सरकार को कोई भी बात सुनने को तैयार ही नहीं है। इससे वर्करों व हैल्परों में भारी रोष पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1975 से काम करते आ रही वर्करों, हैल्परों की उस समय से लेकर मौजूदा सरकारों ने न तो बात सुनीं और न ही मानभत्ते में बढ़ोतरी की। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार उन्हें सरकारी मुलाजिम का दर्जा दें और जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक पंजाब सरकार प्रदेश की 54 हजार वर्करों, हैल्परों को हरियाणा पैट्रन की तरह मानभत्ता दे। आंगनबाड़ी प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि प्री नर्सरी में दाखिल किए गए 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चे आंगनबाड़ी सेंटरों में वापस भेजें जाएं। इस मौके पर सुमन, गुरमीत, पूनम, चंपा, मोनिका, तारा, परमजीत मौजूद थीं।
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आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ किया रोष प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
आल इंडिया आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन की जिला इकाई ने मंगलवार को काला दिवस मनाया। यूनियन की प्रदेश कमेटी के फैसले अनुसार ब्लाक पठानकोट, सुजानपुर, नरोट जैमल सिंह, धार, बमियाल में रोष प्रदर्शन किया गया। इसके बाद वर्करों ने डीसी नीलिमा को मांग पत्र सौंपा ा।
जिला प्रधान संगीता शर्मा ने बताया कि यूनियन के प्रदेश प्रधान हरगोबिंद कौर की अगुवाई में जत्थेबंदियों की ओर से पिछले लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है और बठिंडा स्थित वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के कार्यालय के आगे लगाऐ दिन रात रोष धराने को आज 93 दिन बीत गए हैं। इसके बाद भी सरकार को कोई भी बात सुनने को तैयार ही नहीं है। इससे वर्करों व हैल्परों में भारी रोष पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1975 से काम करते आ रही वर्करों, हैल्परों की उस समय से लेकर मौजूदा सरकारों ने न तो बात सुनीं और न ही मानभत्ते में बढ़ोतरी की। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार उन्हें सरकारी मुलाजिम का दर्जा दें और जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक पंजाब सरकार प्रदेश की 54 हजार वर्करों, हैल्परों को हरियाणा पैट्रन की तरह मानभत्ता दे। आंगनबाड़ी प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि प्री नर्सरी में दाखिल किए गए 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चे आंगनबाड़ी सेंटरों में वापस भेजें जाएं। इस मौके पर सुमन, गुरमीत, पूनम, चंपा, मोनिका, तारा, परमजीत मौजूद थीं।
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