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अकाल तख्त नहीं पहुंचे ज्ञानी इक़बाल सिंह
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अकाल तख्त साहिब नहीं पहुंचे पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह
डेरा साध को माफी देने के घटनाक्रम पर शनिवार को खुलासा करने का किया था दावा
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। डेरा साध गुरमीत सिंह को माफी देने के घटनाक्रम का खुलासा करने का दावा कर रहे तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह शनिवार को श्री अकाल तख्त साहिब नहीं पहुंचे। दो दिन पहले एक पत्र लिख ज्ञानी इकबाल सिंह ने नौ मार्च को पांच सिंह साहिबान की बैठक से पहले श्री अकाल तख्त में मीडिया के सामने माफी का खुलासा करने का दावा किया था। ज्ञानी इकबाल सिंह शनिवार को गुरु नगरी में ही थी, लेकिन मीडिया के सामने नहीं आए।
दूसरी पत्नी द्वारा लगाए प्रताड़ना के आरोपों के साथ-साथ बेटे गुर परशाद सिंह की शराब-तंबाकू पीने की वीडियो वायरल होने के बाद मानसिक दबाव झेल रहे ज्ञानी इकबाल सिंह को इस बात के संकेत मिल गए थे कि एसजीपीसी अकाल तख्त साहिब का प्रयोग अपने हितों के लिए नहीं करने देगी। पिछले दो दशकों से कई बार विवादों में आए ज्ञानी इकबाल सिंह की साख भी संगत के बीच में नहीं रही है। उन्हें इस बात का भी डर था कि कहीं उन्हें संगत के विरोध का सामना न करना पड़ जाए क्योंकि पांच सिंह साहिबान की जिस बैठक में डेरा साध को माफी दी गई थी, उस बैठक में ज्ञानी इकबाल सिंह भी शामिल थे। यदि वे माफी के खिलाफ थे तो उन्होंने उस समय कुछ क्यों नहीं कहा। चार साल तक चुप क्यों रहे। शायद इन्हीं सवालों से बचने के लिए ज्ञानी इकबाल सिंह दावों के बावजूद श्री अकाल तख्त नहीं पहुंचे।
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डेरा साध को माफी देने के घटनाक्रम पर शनिवार को खुलासा करने का किया था दावा
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। डेरा साध गुरमीत सिंह को माफी देने के घटनाक्रम का खुलासा करने का दावा कर रहे तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह शनिवार को श्री अकाल तख्त साहिब नहीं पहुंचे। दो दिन पहले एक पत्र लिख ज्ञानी इकबाल सिंह ने नौ मार्च को पांच सिंह साहिबान की बैठक से पहले श्री अकाल तख्त में मीडिया के सामने माफी का खुलासा करने का दावा किया था। ज्ञानी इकबाल सिंह शनिवार को गुरु नगरी में ही थी, लेकिन मीडिया के सामने नहीं आए।
दूसरी पत्नी द्वारा लगाए प्रताड़ना के आरोपों के साथ-साथ बेटे गुर परशाद सिंह की शराब-तंबाकू पीने की वीडियो वायरल होने के बाद मानसिक दबाव झेल रहे ज्ञानी इकबाल सिंह को इस बात के संकेत मिल गए थे कि एसजीपीसी अकाल तख्त साहिब का प्रयोग अपने हितों के लिए नहीं करने देगी। पिछले दो दशकों से कई बार विवादों में आए ज्ञानी इकबाल सिंह की साख भी संगत के बीच में नहीं रही है। उन्हें इस बात का भी डर था कि कहीं उन्हें संगत के विरोध का सामना न करना पड़ जाए क्योंकि पांच सिंह साहिबान की जिस बैठक में डेरा साध को माफी दी गई थी, उस बैठक में ज्ञानी इकबाल सिंह भी शामिल थे। यदि वे माफी के खिलाफ थे तो उन्होंने उस समय कुछ क्यों नहीं कहा। चार साल तक चुप क्यों रहे। शायद इन्हीं सवालों से बचने के लिए ज्ञानी इकबाल सिंह दावों के बावजूद श्री अकाल तख्त नहीं पहुंचे।
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