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पंजाब शूरवीरों की धरती, कण-कण में है शहादत का जज्बा-पाहड़ा
Updated Fri, 08 Jun 2018 10:08 PM IST
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सैकड़ों लोगों ने शहीद गुरविंदर को किया नमन
हवलदार गुरविंदर सिंह का पहला श्रद्धांजलि समारोह गांव मानेपुर के गुरुद्वारा साहिब में हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत का जाम पीने वाले बीएसएफ की 137 बटालियन के हवलदार गुरविंदर सिंह का पहला श्रद्धांजलि समारोह एसडीएम सकत्तर सिंह बल्ल की अध्यक्षता में गांव मानेपुर के गुरुद्वारा साहिब में हुआ। इस दौरान लेबर सेल पंजाब के चेयरमैन गुरमीत सिंह पाहड़ा बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए।
इनके अलावा शहीद के पिता सतविंदर सिंह, माता सरबजीत कौर, भाई रुपिंदर सिंह, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, शहीद सिपाही नरेश सलारिया के पिता कैप्टन काबल सिंह, बीएसएफ हेड क्वार्टर गुरदासपुर के सहायक कमांडेंट अभिषेक गुप्ता, इंस्पेक्टर संजय बैरवाल, एएसआई प्रदीप सिंह, जिला रक्षा सेवाएं भलाई विभाग के फील्ड अधिकारी सूबेदार मेजर सिंह आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। समारोह को संबोधित करते हुए चेयरमैन गुरमीत सिंह पाहड़ा ने कहा कि पंजाब शूरवीरों की धरती है, जिसके कण-कण में शहादत का जज्बा है। एक साल पहले हवलदार गुरविंदर ने राष्ट्र की सुरक्षा हेतु अपना बलिदान देकर अपने माता पिता व गांव मानेपुर का नाम सारे देश में रोशन किया था। आज मैं इस गांव की मिट्टी को शत-शत नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि शहीद परिवार का मान-सम्मान बहाल रखने हेतु व शहीद की याद में की गई घोषणाओं को पूरा करने हेतु पंजाब सरकार वचनबद्ध है।
बलिदान का दूसरा नाम सैनिक
एसडीएम सकत्तर सिंह बल्ल ने कहा कि बलिदान का दूसरा नाम सैनिक है, जो कुर्बानी को सबसे बड़ा धर्म समझते हुए राष्ट्र हित में प्राणों की आहुति देकर युवा पीढ़ी में देशभक्ति की अलख जगा जाता है। आज देशवासी इसलिए सुरक्षित हैं कि शहीद गुरविंदर सिंह जैसे जांबाजसीमाओं के प्रहरी बन दुश्मन की हर चुनौती का मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं। सहायक कमांडेंट अभिषेक गुप्ता ने कहा कि गुरविंदर सिंह जैसे जांबाज सैनिक भारतीय सेना के गौरव है। इस अवसर पर रागी जत्थे ने कीर्तन कर शहीद को नमन किया गया। मुख्यातिथि द्वारा शहीद के परिजनों सहित सात अन्य शहीद परिवारों को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर रिटा. कर्नल अमरीक सिंह, अरजिंदर सिंह सेठी, बलविंदर सिंह लाडी, प्यारा सिंह, लखविंदर सिंह, दविंदर सिंह, मंगल ािसंह, हंस राज, राजेश कुमार, अश्वनी कुमार, कर्म सिंह, नानक चंद उपस्थित थे।
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फोटो कैप्शन
08जीडीआर3-शहीद के परिजनों को सम्मानित करते मुख्यातिथि गुरमीत सिंह पाहड़ा, एसडीएम सकत्तर सिंह बल्ल, कुंवर रविंदर विक्की व अन्य
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हवलदार गुरविंदर सिंह का पहला श्रद्धांजलि समारोह गांव मानेपुर के गुरुद्वारा साहिब में हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत का जाम पीने वाले बीएसएफ की 137 बटालियन के हवलदार गुरविंदर सिंह का पहला श्रद्धांजलि समारोह एसडीएम सकत्तर सिंह बल्ल की अध्यक्षता में गांव मानेपुर के गुरुद्वारा साहिब में हुआ। इस दौरान लेबर सेल पंजाब के चेयरमैन गुरमीत सिंह पाहड़ा बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए।
इनके अलावा शहीद के पिता सतविंदर सिंह, माता सरबजीत कौर, भाई रुपिंदर सिंह, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, शहीद सिपाही नरेश सलारिया के पिता कैप्टन काबल सिंह, बीएसएफ हेड क्वार्टर गुरदासपुर के सहायक कमांडेंट अभिषेक गुप्ता, इंस्पेक्टर संजय बैरवाल, एएसआई प्रदीप सिंह, जिला रक्षा सेवाएं भलाई विभाग के फील्ड अधिकारी सूबेदार मेजर सिंह आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। समारोह को संबोधित करते हुए चेयरमैन गुरमीत सिंह पाहड़ा ने कहा कि पंजाब शूरवीरों की धरती है, जिसके कण-कण में शहादत का जज्बा है। एक साल पहले हवलदार गुरविंदर ने राष्ट्र की सुरक्षा हेतु अपना बलिदान देकर अपने माता पिता व गांव मानेपुर का नाम सारे देश में रोशन किया था। आज मैं इस गांव की मिट्टी को शत-शत नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि शहीद परिवार का मान-सम्मान बहाल रखने हेतु व शहीद की याद में की गई घोषणाओं को पूरा करने हेतु पंजाब सरकार वचनबद्ध है।
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बलिदान का दूसरा नाम सैनिक
एसडीएम सकत्तर सिंह बल्ल ने कहा कि बलिदान का दूसरा नाम सैनिक है, जो कुर्बानी को सबसे बड़ा धर्म समझते हुए राष्ट्र हित में प्राणों की आहुति देकर युवा पीढ़ी में देशभक्ति की अलख जगा जाता है। आज देशवासी इसलिए सुरक्षित हैं कि शहीद गुरविंदर सिंह जैसे जांबाजसीमाओं के प्रहरी बन दुश्मन की हर चुनौती का मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं। सहायक कमांडेंट अभिषेक गुप्ता ने कहा कि गुरविंदर सिंह जैसे जांबाज सैनिक भारतीय सेना के गौरव है। इस अवसर पर रागी जत्थे ने कीर्तन कर शहीद को नमन किया गया। मुख्यातिथि द्वारा शहीद के परिजनों सहित सात अन्य शहीद परिवारों को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर रिटा. कर्नल अमरीक सिंह, अरजिंदर सिंह सेठी, बलविंदर सिंह लाडी, प्यारा सिंह, लखविंदर सिंह, दविंदर सिंह, मंगल ािसंह, हंस राज, राजेश कुमार, अश्वनी कुमार, कर्म सिंह, नानक चंद उपस्थित थे।
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08जीडीआर3-शहीद के परिजनों को सम्मानित करते मुख्यातिथि गुरमीत सिंह पाहड़ा, एसडीएम सकत्तर सिंह बल्ल, कुंवर रविंदर विक्की व अन्य