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आर्थिक तंगी के कारण मौत के आगोश में जा रही महिला के लिए चाईल्ड लाईन बनी सहारा
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:02 PM IST
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गर्भवती का सहारा बनी चाइल्ड लाइन
निजी अस्पताल में दाखिल कराकर बचाई जच्चा-बच्चा की जान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
आर्थिक तंगी का शिकार गर्भवती महिला का सहारा चाइल्ड लाइन बनी। संस्था के कर्मचारियों ने महिला को निजी अस्पताल में दाखिल करवाकर जच्चा-बच्चा जान बचाई।
रविवार को चाइल्ड लाईन 1098 काल सेंटर दिल्ली से काल आने पर यहां कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल गुरदासपुर पहुंच कर देखा कि गर्भवती महिला डिंपल अपनी तथा पेट में पल रहे बच्चे को बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी। डाक्टर के अनुसार मां और बच्चे के पेट में पानी कम होने से गुरु नानक अस्पताल अमृतसर या फिर किसी बड़े अस्पताल में इलाज करवाने के लिए कहा गया। महिला के पति रिंकू शर्मा ने इलाज को लेकर असमर्थता जताई। जिस के बाद चाइल्ड लाइन के कर्मचारियों ने यह मामला रेड क्रॉस नशा मुक्ति केंद्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोमेश महाजन के ध्यान में लाया। उन्होंने महिला बहरामपुर रोड स्थित निजी अस्पताल की डाक्टर आरती भारद्वाज से की। उन्होंने तुरंत बिना पैसे लिए महिला का आपरेशन कर जच्चा-बच्चा को जीवनदान दिया। डाक्टर के मुताबिक सही समय पर इलाज न होता तो दोनों को जान का खतरा था। मंगलवार को एसडीएम सकत्तर सिंह बल ने चाइल्ड लाइन की ओर से एकत्रित धनराशि जरूरतमंद परिवार को देते हुए नवजात लड़के के परिजनों को देकर नए साल की बधाई दी।
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निजी अस्पताल में दाखिल कराकर बचाई जच्चा-बच्चा की जान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
आर्थिक तंगी का शिकार गर्भवती महिला का सहारा चाइल्ड लाइन बनी। संस्था के कर्मचारियों ने महिला को निजी अस्पताल में दाखिल करवाकर जच्चा-बच्चा जान बचाई।
रविवार को चाइल्ड लाईन 1098 काल सेंटर दिल्ली से काल आने पर यहां कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल गुरदासपुर पहुंच कर देखा कि गर्भवती महिला डिंपल अपनी तथा पेट में पल रहे बच्चे को बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी। डाक्टर के अनुसार मां और बच्चे के पेट में पानी कम होने से गुरु नानक अस्पताल अमृतसर या फिर किसी बड़े अस्पताल में इलाज करवाने के लिए कहा गया। महिला के पति रिंकू शर्मा ने इलाज को लेकर असमर्थता जताई। जिस के बाद चाइल्ड लाइन के कर्मचारियों ने यह मामला रेड क्रॉस नशा मुक्ति केंद्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोमेश महाजन के ध्यान में लाया। उन्होंने महिला बहरामपुर रोड स्थित निजी अस्पताल की डाक्टर आरती भारद्वाज से की। उन्होंने तुरंत बिना पैसे लिए महिला का आपरेशन कर जच्चा-बच्चा को जीवनदान दिया। डाक्टर के मुताबिक सही समय पर इलाज न होता तो दोनों को जान का खतरा था। मंगलवार को एसडीएम सकत्तर सिंह बल ने चाइल्ड लाइन की ओर से एकत्रित धनराशि जरूरतमंद परिवार को देते हुए नवजात लड़के के परिजनों को देकर नए साल की बधाई दी।