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सरकार बदलने पर भी नहीं बदली सड़कों की किस्मत
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:27 PM IST
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सरकार बदली, नहीं बदले कारनामे
पूर्व सरकार की तरह कांग्रेस ने भी किया मुख्य सड़क का पैचवर्क
अकाली-भाजपा सरकार ने चुनाव पहले किया था पैचवर्क
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
सूबे में दस साल बाद सरकार बदलने के बावजूद भी हलके की सड़कों की किस्मत नहीं बदली है। जो काम पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने अपने अंतिम साल में किया वहीं काम अब कांग्रेस सरकार अपने शुरुआती साल में करने लगी है। बादल और कैप्टन सरकार के इस रवैये से हलके के हिस्से में फिर से नई सड़कों की बजाय पुरानी सड़कों पर होने वाला पैचवर्क ही आया है। विधानसभा चुनावों के दौरान दुरुस्त रोड नेटवर्क के वादे करने वाली कांग्रेस ने सत्ता में आते ही हलके की सड़कों पर पैचवर्क करवाना शुरू कर दिया है।
नगर सुधार ट्रस्ट ने शहर के सबसे बड़े एपीके रोड के कुछ हिस्से पर पैचवर्क कर दिया है। गडडें से भरी पड़ी इसी सडक़ के कुछ हिस्से पर पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंत से कुछ समय पहले ही पैचवर्क करवाया था। नगर सुधार ट्रस्ट के अनुसार नई सड़कें बनने का काम अगले साल मार्च महीने में होने की संभावना है।
ट्रस्ट ने मंगलवार को शहर के वाल्मीकि चौक से रामलीला मैदान तक एक किलोमीटर से भी कम दूरी में करीब डेढ़ दर्जन गडडें को पैचवर्क करके भर दिया। जबकि पिछली सरकार ने एपीके रोड पर ही वाल्मीकि चौक से सलारिया चौक तक पैचवर्क करवाया था। नगर सुधार ट्रस्ट के एसडीओ हरमीत सिंह ने बताया कि करीब बीस गडड्े इस रोड पर थे। जिनका पैचवर्क करवा दिया गया है। उन्होंने कहा इस पैचवर्क पर 60 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इससे पहले पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वाल्मीकि चौक से सलारिया चौक तक करवाये गए पैचवर्क पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च कर दिये थे।
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अमर उजाला ने उठाया था मुददा
अमर उजाला ने गडडें से भरे एपीके रोड की दयनीय हालत की खबर को प्रमुखता से छाप कर इस मुददे को उठाया था। राहगीरों को सड़क पर पड़े गड्ढे से हो रही परेशानियों के मद्देनजर बीते 3 नवंबर के अंक में प्रकाशित खबर में एपीके रोड पर पड़े गड्ढों की कहानी बयान की थी। बता दें कि सड़क पर कई फुट गहरे गड्ढे होने से वाहन चालकों को दुर्घटना का डर रहता था। हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन छोटे मोटे हादसे कई बार यहां हो चुके हैं। खबर छपने पर नगर सुधार ट्रस्ट ने जल्द ही सड़क के पैचवर्क करने की बात कही थी।
अगले वित्त वर्ष में ही बनेंगी नई सड़कें
नई सरकार बनने के बाद से सड़कों की हालत सुधरने की उम्मीद लगाये बैठे पठानकोटवासियों को अगले वित्त वर्ष में ही नई सड़कें मिलेंगी। नगर सुधार ट्रस्ट के एसडीओ हरमीत सिंह ने बताया कि हलके में नई सड़कें बनाने का काम अगले साल के मार्च महीने के बाद होने की संभावना है।
फोटो -1- शहर के एपीके रोड पर पड़े गड्ढों का पैचवर्क कराते नगर सुधार ट्रस्ट अधिकारी।
फोटो -1ए- 3 नवंबर के अंक में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित की गई एपीके रोड की खबर।
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पूर्व सरकार की तरह कांग्रेस ने भी किया मुख्य सड़क का पैचवर्क
अकाली-भाजपा सरकार ने चुनाव पहले किया था पैचवर्क
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
सूबे में दस साल बाद सरकार बदलने के बावजूद भी हलके की सड़कों की किस्मत नहीं बदली है। जो काम पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने अपने अंतिम साल में किया वहीं काम अब कांग्रेस सरकार अपने शुरुआती साल में करने लगी है। बादल और कैप्टन सरकार के इस रवैये से हलके के हिस्से में फिर से नई सड़कों की बजाय पुरानी सड़कों पर होने वाला पैचवर्क ही आया है। विधानसभा चुनावों के दौरान दुरुस्त रोड नेटवर्क के वादे करने वाली कांग्रेस ने सत्ता में आते ही हलके की सड़कों पर पैचवर्क करवाना शुरू कर दिया है।
नगर सुधार ट्रस्ट ने शहर के सबसे बड़े एपीके रोड के कुछ हिस्से पर पैचवर्क कर दिया है। गडडें से भरी पड़ी इसी सडक़ के कुछ हिस्से पर पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंत से कुछ समय पहले ही पैचवर्क करवाया था। नगर सुधार ट्रस्ट के अनुसार नई सड़कें बनने का काम अगले साल मार्च महीने में होने की संभावना है।
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ट्रस्ट ने मंगलवार को शहर के वाल्मीकि चौक से रामलीला मैदान तक एक किलोमीटर से भी कम दूरी में करीब डेढ़ दर्जन गडडें को पैचवर्क करके भर दिया। जबकि पिछली सरकार ने एपीके रोड पर ही वाल्मीकि चौक से सलारिया चौक तक पैचवर्क करवाया था। नगर सुधार ट्रस्ट के एसडीओ हरमीत सिंह ने बताया कि करीब बीस गडड्े इस रोड पर थे। जिनका पैचवर्क करवा दिया गया है। उन्होंने कहा इस पैचवर्क पर 60 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इससे पहले पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वाल्मीकि चौक से सलारिया चौक तक करवाये गए पैचवर्क पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च कर दिये थे।
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अमर उजाला ने उठाया था मुददा
अमर उजाला ने गडडें से भरे एपीके रोड की दयनीय हालत की खबर को प्रमुखता से छाप कर इस मुददे को उठाया था। राहगीरों को सड़क पर पड़े गड्ढे से हो रही परेशानियों के मद्देनजर बीते 3 नवंबर के अंक में प्रकाशित खबर में एपीके रोड पर पड़े गड्ढों की कहानी बयान की थी। बता दें कि सड़क पर कई फुट गहरे गड्ढे होने से वाहन चालकों को दुर्घटना का डर रहता था। हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन छोटे मोटे हादसे कई बार यहां हो चुके हैं। खबर छपने पर नगर सुधार ट्रस्ट ने जल्द ही सड़क के पैचवर्क करने की बात कही थी।
अगले वित्त वर्ष में ही बनेंगी नई सड़कें
नई सरकार बनने के बाद से सड़कों की हालत सुधरने की उम्मीद लगाये बैठे पठानकोटवासियों को अगले वित्त वर्ष में ही नई सड़कें मिलेंगी। नगर सुधार ट्रस्ट के एसडीओ हरमीत सिंह ने बताया कि हलके में नई सड़कें बनाने का काम अगले साल के मार्च महीने के बाद होने की संभावना है।
फोटो -1- शहर के एपीके रोड पर पड़े गड्ढों का पैचवर्क कराते नगर सुधार ट्रस्ट अधिकारी।
फोटो -1ए- 3 नवंबर के अंक में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित की गई एपीके रोड की खबर।