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‘20 लाख से ज्यादा टर्न ओवर पर जीएसटी जरूरी’
Updated Tue, 23 Jan 2018 06:40 PM IST
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‘20 लाख से ज्यादा टर्नओवर पर जीएसटी जरूरी’
जीएनडीयू कॉलेज में जागरूकता सेमिनार का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
गुरु नानक देव युनिवर्सिटी कालेज नरोट जैमल सिंह में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) पर जागरूकता सेमिनार कराया गया। इसमें स्टूडेंट के अलावा आसपास के दुकानदारों ने भी हिस्सा लिया।
चार्टेड अकाउंटेंट पंकज महाजन स्टूडेंट व दुकानदारों को जीएसटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीएसटी पूरे देश में 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था। इससे पूर्व यह और भी कई देशों में लागू हो चुका है। भारत में जीएसटी लागू करने पर चर्चा 2000 को शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि जीएसटी एक तरह का अप्रत्यक्ष कर (टैक्स) है, जो वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है। वस्तुओं और सेवाओं 5, 12, 18 व 28 प्रतिशत जीएसटी का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि बीस लाख रुपये से अधिक के टर्नओवर पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन जरूरी है। यह लिमिट नार्थ, ईस्ट स्टेट व जेएंडके, हिमाचल के लिए 10 लाख रुपये है। प्रिंसिपल डा. अर्पणा ने कंप्यूटराइज युग में जीएसटी की जानकारी बहुत ही लाभदायक है, क्योंकि युनिवर्सिटी ने भी इस विषय को एक सब्जेक्ट के रूप में मान्यता दी है, ताकि स्टूडेंट को नवीनतम जानकारी मिल सके। कॉलेज की ओर से अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पूनम महाजन, प्रो. संदीप कुमार, प्रो. गुरविंद्र सिंह, उद्यमी बूटा राम महाजन, जुगल किशोर, टिंकू, मुनीष महाजन हाजिर थे।
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जीएनडीयू कॉलेज में जागरूकता सेमिनार का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
गुरु नानक देव युनिवर्सिटी कालेज नरोट जैमल सिंह में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) पर जागरूकता सेमिनार कराया गया। इसमें स्टूडेंट के अलावा आसपास के दुकानदारों ने भी हिस्सा लिया।
चार्टेड अकाउंटेंट पंकज महाजन स्टूडेंट व दुकानदारों को जीएसटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीएसटी पूरे देश में 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था। इससे पूर्व यह और भी कई देशों में लागू हो चुका है। भारत में जीएसटी लागू करने पर चर्चा 2000 को शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि जीएसटी एक तरह का अप्रत्यक्ष कर (टैक्स) है, जो वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है। वस्तुओं और सेवाओं 5, 12, 18 व 28 प्रतिशत जीएसटी का प्रावधान है।
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उन्होंने बताया कि बीस लाख रुपये से अधिक के टर्नओवर पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन जरूरी है। यह लिमिट नार्थ, ईस्ट स्टेट व जेएंडके, हिमाचल के लिए 10 लाख रुपये है। प्रिंसिपल डा. अर्पणा ने कंप्यूटराइज युग में जीएसटी की जानकारी बहुत ही लाभदायक है, क्योंकि युनिवर्सिटी ने भी इस विषय को एक सब्जेक्ट के रूप में मान्यता दी है, ताकि स्टूडेंट को नवीनतम जानकारी मिल सके। कॉलेज की ओर से अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पूनम महाजन, प्रो. संदीप कुमार, प्रो. गुरविंद्र सिंह, उद्यमी बूटा राम महाजन, जुगल किशोर, टिंकू, मुनीष महाजन हाजिर थे।
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