{"_id":"59e38dcd4f1c1b68678b5ee2","slug":"131508085197-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बगावत से डूबी आम आदमी पार्टी की नाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बगावत से डूबी आम आदमी पार्टी की नाव
Updated Sun, 15 Oct 2017 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बगावत से डूबी आम आदमी पार्टी की नाव
उपचुनाव में कई आप नेताओं ने बागी तेवर दिखाकर छोड़ी पार्टी
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में बुरी तरह से हारी आम आदमी पार्टी की नाव बगावत के कारण डूबी है। उपचुनाव के दौरान आप के कई नेता बागी तेवर दिखाते हुए पार्टी छोड़ गए थे। इसके बाद पार्टी उपचुनाव में काफी कमजोर हो गई। ऐसे ही कुछ कारणों के कारण पार्टी का वोट बैंक भी टूटा।
गुरदासपुर उपचुनाव में जहां हर पार्टी और प्रत्याशी खुद को मजबूत बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहा था वहीं आम आदमी पार्टी के नेता बगावत करते जा रहे थे। दशहरे वाले दिन पार्टी उस समय बड़ा झटका लगा जब आप के प्रदेश महासचिव रहे लखबीर सिंह ने सीएम कैप्टन की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया। लखबीर ने आप छोड़ने के बाद नेता विपक्ष सुखपाल सिंह खैरा पर कई गंभीर आरोप लगाए। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में हलका दीनानगर से आम आदमी पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने वाले जोगिंदर सिंह छीना ने भी पार्टी का साथ ऐन मौके पर छोड़ दिया। छीना ने आप को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा।
छीना ने पार्टी छोड़ते समय कहा कि आप में उनका दम घुटने लगा था। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में हलका सुजानपुर से आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ने वाले एडवोकेट कुलभूषण मन्हास ने भी कांग्रेस का दामन थामा था। आप की क्षमता पर सवाल उठाते हुए मन्हास ने कहा था कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से सिर्फ कांग्रेस ही लड़ सकती है। इसलिए उन्होंने आप को छोड़ कांग्रेस का दामन थामा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपचुनाव में कई आप नेताओं ने बागी तेवर दिखाकर छोड़ी पार्टी
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में बुरी तरह से हारी आम आदमी पार्टी की नाव बगावत के कारण डूबी है। उपचुनाव के दौरान आप के कई नेता बागी तेवर दिखाते हुए पार्टी छोड़ गए थे। इसके बाद पार्टी उपचुनाव में काफी कमजोर हो गई। ऐसे ही कुछ कारणों के कारण पार्टी का वोट बैंक भी टूटा।
गुरदासपुर उपचुनाव में जहां हर पार्टी और प्रत्याशी खुद को मजबूत बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहा था वहीं आम आदमी पार्टी के नेता बगावत करते जा रहे थे। दशहरे वाले दिन पार्टी उस समय बड़ा झटका लगा जब आप के प्रदेश महासचिव रहे लखबीर सिंह ने सीएम कैप्टन की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया। लखबीर ने आप छोड़ने के बाद नेता विपक्ष सुखपाल सिंह खैरा पर कई गंभीर आरोप लगाए। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में हलका दीनानगर से आम आदमी पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने वाले जोगिंदर सिंह छीना ने भी पार्टी का साथ ऐन मौके पर छोड़ दिया। छीना ने आप को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा।
विज्ञापन
छीना ने पार्टी छोड़ते समय कहा कि आप में उनका दम घुटने लगा था। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में हलका सुजानपुर से आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ने वाले एडवोकेट कुलभूषण मन्हास ने भी कांग्रेस का दामन थामा था। आप की क्षमता पर सवाल उठाते हुए मन्हास ने कहा था कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से सिर्फ कांग्रेस ही लड़ सकती है। इसलिए उन्होंने आप को छोड़ कांग्रेस का दामन थामा है।
विज्ञापन