{"_id":"5989edf74f1c1bbd5d8b46b8","slug":"111502211575-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमन का पैगाम लेकर तिरंगा पद यात्रा पर निकला यूपी का राहुल शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमन का पैगाम लेकर तिरंगा पद यात्रा पर निकला यूपी का राहुल शर्मा
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तिरंगा पद यात्रा पर यूपी का राहुल
गुरदासपुर। देश के जांबाज सैनिकों से देशभक्ति की प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश के गांव तेवारी जिला बदायूं का 30 वर्षीय राहुल शर्मा अमन और शांति का पैगाम लेकर पद यात्रा पर निकला है। वह लोगों में देशभक्ति की अलख जगाते हुए उनमें राष्ट्र पर मर मिटने का जज्बा भर रहा है। परमानंद पहुंचने पर शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की व जिला एनआरआई सभा के प्रधान एनपी सिंह ने उसका स्वागत करते हुए आर्थिक सहायता दी।
अपनी यात्रा के अनुभव सांझे करते हुए राहुल ने बताया कि वह बचपन से ही अनाथ है। एक मंदिर में रहकर लोगों को संदेश देता है कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। उसने बताया कि अपने सैनिकों की देशभक्ति से प्रेरणा लेते हुए उसने तिरंगा लेकर देश में अमन व शांति का संदेश देने के लिए यह पद यात्रा निकालने का संकल्प लिया। उसने 21 मई को यात्रा शुरू की। उसने बताया कि यात्रा के दौरान कई खट्टी-मीठी यादें जुड़ चुकी है। जब वह अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ तो बनिहाल से पहलगाम तक उसे कश्मीरी युवाओं ने गो बैक इंडिया के नारे लगाकर जसके हाथ से तिरंगा छीनने का प्रयास किया। राहुल ने बताया कि सेना के जवानों ने उसे बचाया।
उसने बताया कि वह रोज 40 किलोमीटर पैदल चलता है और एक समय खाना खाकर मंदिर, गुरुद्वारा या धर्मशाला में रात गुजारता है। उसने बताया कि उसकी यह यात्रा 220 दिन की हैं। वैष्णो देवी, अमरनाथ, जगन्नाथ पुरी, अमृतसर से होते हुए तिरुपति बालाजी पर 10 दिसंबर को समाप्त होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरदासपुर। देश के जांबाज सैनिकों से देशभक्ति की प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश के गांव तेवारी जिला बदायूं का 30 वर्षीय राहुल शर्मा अमन और शांति का पैगाम लेकर पद यात्रा पर निकला है। वह लोगों में देशभक्ति की अलख जगाते हुए उनमें राष्ट्र पर मर मिटने का जज्बा भर रहा है। परमानंद पहुंचने पर शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की व जिला एनआरआई सभा के प्रधान एनपी सिंह ने उसका स्वागत करते हुए आर्थिक सहायता दी।
अपनी यात्रा के अनुभव सांझे करते हुए राहुल ने बताया कि वह बचपन से ही अनाथ है। एक मंदिर में रहकर लोगों को संदेश देता है कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। उसने बताया कि अपने सैनिकों की देशभक्ति से प्रेरणा लेते हुए उसने तिरंगा लेकर देश में अमन व शांति का संदेश देने के लिए यह पद यात्रा निकालने का संकल्प लिया। उसने 21 मई को यात्रा शुरू की। उसने बताया कि यात्रा के दौरान कई खट्टी-मीठी यादें जुड़ चुकी है। जब वह अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ तो बनिहाल से पहलगाम तक उसे कश्मीरी युवाओं ने गो बैक इंडिया के नारे लगाकर जसके हाथ से तिरंगा छीनने का प्रयास किया। राहुल ने बताया कि सेना के जवानों ने उसे बचाया।
विज्ञापन
उसने बताया कि वह रोज 40 किलोमीटर पैदल चलता है और एक समय खाना खाकर मंदिर, गुरुद्वारा या धर्मशाला में रात गुजारता है। उसने बताया कि उसकी यह यात्रा 220 दिन की हैं। वैष्णो देवी, अमरनाथ, जगन्नाथ पुरी, अमृतसर से होते हुए तिरुपति बालाजी पर 10 दिसंबर को समाप्त होगी।
विज्ञापन