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जलियावाला बाग़ कांड के बाद हिन्दू-मुस्लिम एकता मजबूत हुई थी:प्रो टुटेजा
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‘हिंदू-मुस्लिम की एकता का प्रतीक जलियांवाला बाग’
जीएनडीयू में जलियांवाला बाग शताब्दी पर कांफ्रेंस
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर केएल टुटेजा ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड कि बाद हिंदू-मुस्लिम एकता मुख्य मुद्दा बन कर सामने आई। इस बात का प्रमाण उस समय मिला जब वर्ष 1919 के जलियांवाला कांड के बाद महात्मा गांधी अमृतसर आए, तो उस समय दस हजार से अधिक हिन्दू-मुस्लिम ने एक जुटता से एक साथ गांधीजी का स्वागत किया था। हिन्दू-मुस्लिमों का यह इकट्ठ उस समय की राजनीति में बड़ा प्रभाव डालने वाला था। हिन्दू-मुस्लिम एकता का यह प्रभाव देश की आजादी के कुछ साल पहले कमजोर पड़ गया था। टुटेजा सोमवार को जीएनडीयू की ओर आयोजित जलियांवाला बाग के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया ने कहा कि जलियांवाला बाग विश्व इतिहास में एक ऐसा पवित्र स्थान है, जहां सजदा करने कि लिए देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते है। जलियांवाला बाग देश, समाज कि प्रति कुछ करने का जज्बा पैदा करता है। उन्होंने मौजूद स्टूडेंट्स से कहा की वह देश में अमन-शांति, आपसी भाईचारे व एकता अखंडता पर चोट करने वाली हर देश विरोधी ताकत का डट कर मुकाबला करें। जलियांवाला बाग़ कि शहीदों को यही सच्ची श्रद्धांजलि है। आजादी के दीवानों की विरासत को करतारपुर में बनाये गए जंग-ए-आजादी यादगार में संभाल के रखा गया है। दो दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस में कई विद्वानों ने अपने-अपने विचार रखे। वीसी डॉ जसपाल सिंह संधू ने भी जलियांवाला कांड ने आजादी की लड़ाई को घर-घर तक पहुंचा दिया।
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जीएनडीयू में जलियांवाला बाग शताब्दी पर कांफ्रेंस
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर केएल टुटेजा ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड कि बाद हिंदू-मुस्लिम एकता मुख्य मुद्दा बन कर सामने आई। इस बात का प्रमाण उस समय मिला जब वर्ष 1919 के जलियांवाला कांड के बाद महात्मा गांधी अमृतसर आए, तो उस समय दस हजार से अधिक हिन्दू-मुस्लिम ने एक जुटता से एक साथ गांधीजी का स्वागत किया था। हिन्दू-मुस्लिमों का यह इकट्ठ उस समय की राजनीति में बड़ा प्रभाव डालने वाला था। हिन्दू-मुस्लिम एकता का यह प्रभाव देश की आजादी के कुछ साल पहले कमजोर पड़ गया था। टुटेजा सोमवार को जीएनडीयू की ओर आयोजित जलियांवाला बाग के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया ने कहा कि जलियांवाला बाग विश्व इतिहास में एक ऐसा पवित्र स्थान है, जहां सजदा करने कि लिए देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते है। जलियांवाला बाग देश, समाज कि प्रति कुछ करने का जज्बा पैदा करता है। उन्होंने मौजूद स्टूडेंट्स से कहा की वह देश में अमन-शांति, आपसी भाईचारे व एकता अखंडता पर चोट करने वाली हर देश विरोधी ताकत का डट कर मुकाबला करें। जलियांवाला बाग़ कि शहीदों को यही सच्ची श्रद्धांजलि है। आजादी के दीवानों की विरासत को करतारपुर में बनाये गए जंग-ए-आजादी यादगार में संभाल के रखा गया है। दो दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस में कई विद्वानों ने अपने-अपने विचार रखे। वीसी डॉ जसपाल सिंह संधू ने भी जलियांवाला कांड ने आजादी की लड़ाई को घर-घर तक पहुंचा दिया।
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