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अभी नहीं माने किसान: पीएम की अपील के बावजूद अभी दिल्ली से नहीं लौटेंगे, तीन माह का समय लगेगा

Sat, 20 Nov 2021 05:00 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 20 Nov 2021 05:00 PM IST
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Agitating farmers Will not return from Delhi yet even after Appeal of PM
सुनाम के उगराहां में बैठक में शामिल किसानों को संबोधित करते यूनियन प्रतिनिधि। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों खेती कानून वापस लेने की घोषणा कर दी है और आंदोलनरत किसानों को अपने घरों में लौटने की अपील की है, लेकिन किसान अभी दिल्ली से नहीं लौटेंगे। बल्कि 25 नवंबर को पंजाब से हजारों किसान विशाल काफिलों के साथ दिल्ली पहुंचेंगे और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग करेंगे।  शनिवार को पंजाब के गांव उगराहां मे भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की हुई बैठक में प्रदेश सचिव दरबारा सिंह छाजला ने यह घोषणा की। 

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छाजला ने कहा कि किसान आंदोलन को एक साल पूरा हो गया है और कानूनों को रद्द करने की सांविधानिक प्रक्रिया खत्म होने तथा एमएसपी पर कानून बनने के बाद ही किसान अपने घरों को लौटेंगे। अभी किसानों को कड़ी मेहनत करनी है और इस पूरे निपटारे में कम से कम तीन माह लगेंगे। संगरूर जिले से करीब बीस हजार किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इस आंदोलन में करीब सात सौ किसानों ने कुर्बानियां दी हैं। लखीमपुर खीरी की घटना तो अत्याचार की तमाम हदें पार करने वाली घटना है।  इस मौके पर बहाल सिंह, जसवंत सिंह, अजैब सिंह, कृपाल सिंह, बहादुर सिंह, रामशरण सिंह आदि हाजिर थे।  
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पंजाब से 26 नवंबर को दिल्ली बॉर्डर पहुंचेंगे किसान

फिरोजपुर में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने बयान जारी कर कहा कि संसद में कृषि कानून रद्द करवाने, एमएसपी की ग्रांटी का कानून, प्रदूषण एक्ट व बिजली शोध बिल रद्द करवाने के बाद ही दिल्ली बॉर्डर से किसान आंदोलन खत्म होगा। इसके अलावा और कई मांगें हैं, जिन्हें केंद्र सरकार को पूरा करना होगा। पंजाब से 26 नवंबर को हजारों की संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर पहुंचेंगे। 24 नवंबर से अमृतसर से किसानों का जत्था दिल्ली रवाना होगा।

पंधेर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वास सत्ता में है, सत्ता पाने के लिए भाजपा कुछ भी कर सकती है। जैसे ये लोग कृषि कानून लाए हैं वैसे ही वापस करें। किसान उस प्रक्रिया का इंतजार दिल्ली बॉर्डर पर करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाबियों को खुश करने के लिए श्री गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव पर कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की है। यही घोषणा पहले कर दी जाती तो 700 किसानों की जानें बच सकती थीं।

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