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पंजाब में फैली यह खतरनाक बीमारी, 976 बीमार
चंडीगढ़/अमर उजाला
Updated Sun, 20 Oct 2013 01:51 AM IST
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मानसून के बाद पंजाब में डेंगू के फैलाव में गुणात्मक बढ़ोतरी हुई है। हालात यह हैं कि डेंगू के मरीजों की संख्या 976 तक पहुंच गई है जबकि इस बीमारी से अब तक चार लोगों की मौत हो गई है।
मानसून के बाद डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य में हर रोज करीब 15 नए मरीज सामने आ रहे हैं।
मानसून से पहले राज्य में डेंगू के मरीजों की संख्या 455 थी, लेकिन बरसात के बाद इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के बाद लारवा के तेजी से पनपने के कारण यह हालात हुए।
इससे स्पष्ट है कि राज्य के सेहत महकमे की एंटी लारवा विंग बुरी तरह फेल हुई है।
शहरों में जागरूकता अभियान की कमी और नगर निगम के साथ तालमेल न होने कारण हर साल घरों में चलने वाला छापामारी अभियान भी ठीक ढंग से नहीं चला।
शहर के बाहरी इलाकों में फोगिंग नहीं होने के कारण सबसे अधिक मरीज यहां से सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
यह है स्थिति
लुधियाना में सबसे अधिक डेंगू के मरीज पाए गए हैं। यहां अब तक 255 मरीज पाजिटिव हैं और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
पटियाला में 225, जालंधर में 37, अमृतसर में 33 मरीज पाए गए हैं। डेंगू की घर बैठे जांच के लिए बाजार में रैपिड टेस्ट कार्ड उपलब्ध हैं लेकिन उसकी विश्वसनीयता संदिग्ध होने के कारण सेहत महकमे ने उसे प्रतिबंधित कर दिया है।
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मानसून के बाद डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य में हर रोज करीब 15 नए मरीज सामने आ रहे हैं।
मानसून से पहले राज्य में डेंगू के मरीजों की संख्या 455 थी, लेकिन बरसात के बाद इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के बाद लारवा के तेजी से पनपने के कारण यह हालात हुए।
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इससे स्पष्ट है कि राज्य के सेहत महकमे की एंटी लारवा विंग बुरी तरह फेल हुई है।
शहरों में जागरूकता अभियान की कमी और नगर निगम के साथ तालमेल न होने कारण हर साल घरों में चलने वाला छापामारी अभियान भी ठीक ढंग से नहीं चला।
शहर के बाहरी इलाकों में फोगिंग नहीं होने के कारण सबसे अधिक मरीज यहां से सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
यह है स्थिति
लुधियाना में सबसे अधिक डेंगू के मरीज पाए गए हैं। यहां अब तक 255 मरीज पाजिटिव हैं और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
पटियाला में 225, जालंधर में 37, अमृतसर में 33 मरीज पाए गए हैं। डेंगू की घर बैठे जांच के लिए बाजार में रैपिड टेस्ट कार्ड उपलब्ध हैं लेकिन उसकी विश्वसनीयता संदिग्ध होने के कारण सेहत महकमे ने उसे प्रतिबंधित कर दिया है।
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