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स्टुडेंट्स को गुरूमंत्र दे गए मिसाइल मैन
मोहाली/ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2013 06:19 PM IST
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जब तुम किसी महान मकसद, किसी खास प्रोजेक्ट से प्रेरित होते हो तो तुम्हारी सारी सोच अपनी सीमाएं लांघने लगती है। तुम्हारा दिमाग अपनी सीमाओं से ऊंचा उठने लगता है, तुम्हारी चेतना हर दिशा में फैलने लगती है।
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तुम खुद को एक नई और बेहतरीन दुनिया में पाते हो। तुम्हें लगता है कि तुमने जो सपना देखा था, तुम उससे भी कहीं ज्यादा महान इंसान हो। महर्षि पतंजलि द्वारा ढाई हजार साल पहले कहे उपरोक्त शब्दों के जरिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के स्टूडेंट्स को संदेश दिया।
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उन्होंने कहा कि वे बड़ा लक्ष्य रखें और बड़े सपने देखें। वह वीरवार शाम को सीजीसी में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने इस दौरान 58 विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित किया। सीजीसी के प्रेसिडेंट सतनाम संधू ने डॉ. कलाम को दरबार साहिब का मॉडल भेंट किया।
डॉ. कलाम ने 1957 में एमआईटी चेन्नई का दौर याद किया और विद्यार्थियों को एक उदाहण के जरिए बहुत बड़ी बात सिखाई। उन्होंने बताया किस तरह एक प्रोजेक्ट पर काम करते हुए पांच महीने पूरे होने के बाद उनके गाइड प्रो. श्रीनिवासन ने कहा कि प्रोजेक्ट बेहद खराब है। अगर एक महीने में उन्होंने प्रोजेक्ट ठीक न किया तो उनकी स्कॉलरशिप बंद हो जाएगी।
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इसके बाद उनकी पूरी टीम ने दो दिन तक डट कर काम किया। आखिर में प्रो. श्रीनिवासन ने उन्हें बधाई दी। डॉ. कलाम ने स्टूडेंट्स को समझाया कि अगर कोई चीज दांव पर लगी हो तो काम करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
विजन-2020 किया साझा
इसके बाद डॉ. कलाम ने स्टूडेंट्स के साथ अपना विजन-2020 साझा किया और इसके लिए योगदान देने को कहा। उन्होंने कहा कि देश को उस मुकाम तक पहुंचाने के लिए पांच क्षेत्र अहम हैं।
इनमें खेतीबाड़ी और फूड प्रोसेसिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य, इन्फॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी, भरोसेमंद बिजली, ट्रांसपोर्ट, देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर तथा तकनीक में आत्मनिर्भरता शामिल है। अगर देश इन क्षेत्रों में तरक्की करता है तो हम खाद्य, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा हासिल करेंगे।
‘पूरा’ मॉडल का सुझाव दिया
उन्होंने देश के विकास के लिए ‘पूरा’ (प्रोवाइडिंग अर्बन एमेनिटीज इन रूरल एरियाज) मॉडल का सुझाव दिया। इसमें बीस से पचास गांवों का एक क्लस्टर लिया जा सकता है।
डॉ. कलाम ने कहा कि सीजीसी भी मोहाली के आसपास के पचास से सौ गांवों का पूरा कांप्लेक्स बना सकता है। इससे इलाके के गांवों की स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने स्टूडेंट्स को समझाया कि तकनीक, जानकारी, मैनेजमेंट और क्रिएटिव लीडरशिप का आर्थिक विकास से संबंध है।
दिल्ली मेट्रो की दी मिसाल
डॉ. कलाम ने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए स्टूडेंट्स को संदेश दिया कि पूर्णता और सच्चाई के साथ काम करो और सफलता हासिल करो। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो के एमडी ई श्रीधरन ने वादा किया था कि प्रोजेक्ट का हर चरण निर्धारित समय व बजट में पूरा होगा और उन्होंने यह कर दिखाया।