Prayagraj : इनररिंग रोड के प्रथम चरण के लिए 45 गांवों की भूमि का अधिग्रहण
राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण के लिए जिले के 45 गांवों के चार हजार किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई है। इनर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों की भूमि, भवनों, बगीचों, कुओं के स्वामित्व विवाद के अलावा मुआवजा संबंधी आपत्तियों का निस्तारण कर लिया गया है।
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जिले के विकास की डगर मानी जा रही इनर रिंग रोड परियोजना के लिए प्रथम चरण में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। परियोजना के क्रियान्वयन में मुआवजे के विवाद से जुड़ीं 59 आपत्तियों का भू-अध्याप्ति अधिकारी ने निस्तारण कर दिया है। इसी के साथ एनएचएआई की धारा 3-ए के तहत 45 गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। पांच जनवरी को इस परियोजना की आधारशिला रखने के लिए केंद्रीय सड़क-परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आ सकते हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण के लिए जिले के 45 गांवों के चार हजार किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई है। इनर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों की भूमि, भवनों, बगीचों, कुओं के स्वामित्व विवाद के अलावा मुआवजा संबंधी आपत्तियों का निस्तारण कर लिया गया है। भू-अध्याप्ति अधिकारी सत्यप्रकाश ने इनररिंग रोड को लेकर आई आपत्तियों की सुनवाई की। परियोजना में मुआवजे को लेकर आईं कुल 59 आपत्तियों का निस्तारण किया गया। आपत्तियों का निस्तारण होने के साथ ही नेशनल हाईवे की धारा थ्री-ए के तहत भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया।
एनएचएआई के अफसरों के मुताबिक दो दिन के भीतर नेशनल हाईवे की धारा 3-डी के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें किसानों का ब्योरा और उनकी भूमि के अलावा भवन, बाग, कुएं का भी विवरण दिया जाएगा। कानपुर से वाराणसी जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर इनर रिंग रोड के प्रथम चरण का निर्माण आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखकर कराने की योजना है। रीवा रोड से जीटी रोड पर महुआरी, लवाइन कला होते हुए अंदावा के रास्ते इस रिंग रोड को आगे ले जाकर सहसों में फिर एनएच-2 से मिला दिया जाएगा।
संगमनगरी को जाम से मिलेगी निजात
इनर रिंग रोड के बन जाने से कानपुर से मध्य प्रदेश जाने वाले वाहनों को शहर में इंट्री नहीं करनी होगी। वहीं, एमपी से कानपुर या वाराणसी जाने वालों को भी इससे काफी राहत मिलेगी। भारी मालवाहक बिना शहर में प्रवेश किए रिंग रोड के रास्ते निकल जाएंगे। इससे शहरियों को ट्रैफिक की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा कई जगह एप्रोच मार्ग बनने से जिले के ग्रामीणांचल इलाकों के लोगों को भी काफी राहत मिलेगी।
अफसरों पर निर्माण जल्द शुरू कराने का दबाव
प्रयागराज। कोरोना काल के दौरान मंदी की वजह से केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची से बाहर की गई इस परियोजना को दोबारा वापस लाने का श्रेय एनएचएआई के अफसर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दे रहे हैं। अफसरों के मुताबिक डिप्टी सीएम इनररिंग रोड परियोजना का काम जल्द शुरू कराना चाहते हैं। इसके लिए एनएचएआई के अफसरों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही इसके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
आपत्तियों के निस्तारण के साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही प्रभावित किसानों का विवरण और भूमि का रकबा जारी कर दिया जाएगा, ताकि मुआवजा वितरण के साथ ही काम शुरू कराया जा सके। -एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।