स्वामी के बयान पर गरमाई सियासत, भाजपा नेता के खिलाफ बोले अपशब्द
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भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के करतारपुर कॉरिडोर पर दिए बयान के बाद पंजाब में सियासत गरमा गई है। तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने रोपड़ में कहा कि स्वामी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
ऐसे बयान देने और एक भाईचारे की भावनाओं से खेलना बहुत बुरी बात है। चन्नी ने कहा कि भाजपा सिख कौम के खिलाफ आरएसएस के चल रहे एजेंडे को बंद करे। करतारपुर कॉरिडोर सिख कौम ही नहीं बल्कि समूचे नानक नाम लेवा लोगों से जुड़ा हुआ मुद्दा है और उनकी भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
वहीं अकाली दल के सीनियर उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने भी कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी को अपना बयान वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने रोपड़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि करतारपुर कॉरिडोर करोड़ों सिखों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है और यह दोनों सरकारों (भारत और पाकिस्तान) की कमिटमेंट है।
उन्होंने कहा कि स्वामी के बयान से सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। चीमा ने कहा कि स्वामी के मन में पाकिस्तान के प्रति नफरत ज्यादा थी, जिसके कारण उन्होंने इस हद तक बयान दे दिया लेकिन इससे सिख कौम की भावनाओं को ठेस पहुंची है और उन्हें यह बयान वापस लेना चाहिए।
करतारपुर कॉरिडोर पर स्वामी का बयान निंदनीय
भाजपा के वरिष्ठ नेता व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण को तुरंत रोकने के बयान के बाद सिख जगत में रोष व्याप्त है। एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने स्वामी के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर सिख संगत की दशकों से की जा रही अरदास का फल है।
आजादी के 73 वर्ष बाद करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण पर दोनों देशों में सहमति बनी है। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों की उम्मीद पूरी होने वाली है। ऐसे समय में स्वामी का यह बयान हैरान करने वाला है। करतारपुर कॉरिडोर केवल सिखों के लिए नहीं बल्कि दोनों देशों की सदियों पुरानी सांझ को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
लौंगोवाल ने कहा कि गुरु साहिबन के पावन अस्थान को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर के प्रति नकारात्मक विचार ठीक नहीं हैं। स्वामी के इस बयान के कारण सिखों के दिलों को भारी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि तनाव के बावजूद दोनों देशों की सरकारों ने कॉरिडोर का निर्माण जारी रखा हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक पूरे हो जाएंगे।
कॉरिडोर निर्माण को रोकने की वकालत न करें स्वामी : जत्थेदार
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्यों को रोकने की वकालत न करें। स्वामी का यह बयान गैर जिम्मेदाराना और सिख विरोधी है। इस बयान ने सिखों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई है।
सिख कौम श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाने जा रही है, भाजपा सांसद घटिया बयानबाजी कर सिखों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है। जब दोनों देश पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन-दीदार के लिए कॉरिडोर का निर्माण कर रहे हैं, तब स्वामी ऐसी सोच से खटास पैदा करने का षड्यंत्र कर रहे हैं।
स्वामी के बयान पर स्टैंड साफ करें अकाली
सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा करतारपुर कॉरिडोर न खोलने के बयान को लेकर कांग्रेस ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर हमला बोला है। पार्टी ने इस मामले में अकाली दल को अपना स्टैंड साफ करने को कहा है। कैबिनेट मंत्री सुखजिंद रंधावा, भारत भूषण आशू और अन्य नेताओं ने कहा है कि इस बयान से सिखों के हृदय आहत हुए हैं। सालों से कॉरिडोर खुलने के लिए अरदास कर रही संगत की आस्था को गहरी चोट लगी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अकाली दल केंद्र की सत्ता में भागीदार है और सालों से भाजपा के साथ रिश्ते को नाखून-मांस का रिश्ता बताता आ रहा है। उसी भाजपा के नेता द्वारा कॉरिडोर की मुखालफत पर शिअद की क्या प्रतिक्रिया है? उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि बादल परिवार को सिखी के बजाय अपनी कुर्सी से मोह है। यह भी सोची-समझी साजिश है कि स्वामी ने यह बयान चंडीगढ़ आकर दिया। इसके बाद बिल्ली थैले से बाहर आ गई है। पंजाब के भाजपा नेताओं को भी इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
स्वामी से माफी मंगवाए भाजपा: आप
आम आदमी पार्टी ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा करतारपुर कॉरिडोर न खोलने संबंधी बयान की कड़ी आलोचना की है। साथ ही भाजपा हाईकमान से मांग की है कि या तो स्वामी से माफी मंगवाए या उन्हें बर्खास्त करे। आप विधायक बलजिंदर कौर, रुपिंदर कौर रूबी ने कहा कि स्वामी की सोच ने दुनिया भर में रहने वाली श्री गुरु नानक नामलेवा संगत को गहरी ठेस पहुंचाई है।
72 सालों की अरदास के बाद श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों की उम्मीद जगी है। दोनों तरफ बैठे मानवता के दुश्मन धर्म को हथियार बना कर राजनीति कर रहे हैं। ऐसे मौके पर ऐसी अनुचित बयानबाजी कर स्वामी ने खुद को पाक के फौजी अफसर के बराबर खड़ा कर लिया है जो कॉरिडोर को लेकर बकवास कर रहा है।