रविवार की सुबह तीन बजे से पांच बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने थराली, देवाल और गैरसैंण में तबाही ला दी। बादल फटने की घटना से गदेरे उफान पर रहे। इस तबाही से थराली में चार से अधिक वाहन बाढ़ में बह गए।
देखिए, जंगलों की आग के बाद अब उत्तराखंड में पानी की तबाही
साथ ही देवाल, थराली और नारायणबगड़ में कई घरों, दुकानों, सरकारी दफ्तरों में मलबा घुस गया। सूचना पर तहसील और पुलिस प्रशासन सहित ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू में जुटे रहे। थराली के राड़ीबगड़ से थराली बाजार तक सड़क पूरी तरह मलबे से पट गई।
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वहीं थराली बाजार के निकट बहने वाले सिपाही नाले में भारी मलबा आने से चार वाहन बह गए। बहाव इतना तेज था कि दो वाहन सीधे गदेरे से पिंडर नदी में समा गए। सहकारी समिति के समीप एक मोटर वर्कशॉप भी ऊफनते गदेरे में बह गया। बाजार से बैरकांडे गांव के बीच बनी तीन पैदल पुलिया भी बह गई। बूंगा के प्रधान गोदांबरी देवी, मोहन सिंह ने बताया कि सिलसौरा, गुपटारा में कई घरों में मलबा आ गया है। रणजीत सिंह, बादर सिंह, सुरेंद्र सिंह, बखतावर सिंह और जसपाल सिंह के मकान मलबे में दब गए हैं।
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रूईसाण के भैरगढ़ गदेरे में बनी पुलिया बहने से गांव का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। प्रधान सुदर्शन सिंह, बुरसोल के प्रधान रणजीत सिंह ने बताया कि डुंग्री, बूंगा, बुरसोल और रतगांव सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में आलू, प्याज और गेहूं की खड़ी फसल पूरी तरह से बरसाती नालों तथा मलबे से तबाह हो चुकी है।
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सूचना पर तहसीलदार परमानंद राम, एसडीएम विवेक प्रकाश, प्रमुख राकेश जोशी सहित पुलिस के जवान रेसक्यू कार्य में जुटे रहे।