टेक्नोलॉजी ने रिश्तों को एक नया आयाम दिया है। स्मार्ट फोन ने तो आज दादी-नानी को भी स्मार्ट बना दिया है। अब वे घर बैठे जब चाहें मीलों दूर बैठे अपनों से पल भर में बात कर लेते हैं। उन्हें फोन की स्क्रीन पर देखकर दिल की दूरियां मिटा लेते हैं। मन किया तो अपने सल्फी लेकर पोतों को भेज देते हैं। बहू को लड्डू बनाने का फार्मूला लाइव बता देते हैं। व्हाट्सएप पर सुबह की राम-राम और शाम को गुड नाइट कहना नहीं भूलते। आज विश्व दूरसंचार दिवस पर हम कुछ ऐसे ही बुजुर्गों की बात करेंगे, जिन्होंने स्मार्ट फोन के माध्यम से खुद को भी स्मार्ट बना लिया है और अपनों से दूरियों को भी खत्म कर दिया है। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
खोजवां निवासी 69 वर्षीय कमलेश बताती हैं, मेरे बेटा-बहू अमेरिका में है, उसी ने फोन गिफ्ट किया था। शुरुआत में लगा था कि टेक्नोलॉजी मुझे आती नहीं, इसलिए यह फोन नहीं चला पाऊंगी, लेकिन बेटी ने मुझे ऑपरेट करना सिखाया। घर की शॉपिंग करने के साथ, दोस्तों के साथ किटी की फोटो अपने दोस्तों के साथ शेयर कर लेती हूं। रात को काम से लौटने के बाद बहू-बेटे और पोते-पोती सबसे एकसाथ बातें करती हूं और दिनभर की सारी खास और आम बातें उन्हें बताती हूं।
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राम दुलार और चंपा देवी
- फोटो : अमर उजाला
शिवपुर निवासी 73 वर्षीय राम दुलार और 70 वर्षीय चंपा देवी के लिए उनका स्मार्ट फोन एक मात्र सहारा है। बेटे-बहु की मृत्यु के बाद इनकी बेटियां और उनके बच्चे ही इनके लिए सब कुछ है। रामदुलार बताते है, पहले मेरे पास छोटा से फोन था, एक बार बेटी घर आई तो उसने स्मार्टफोन चलाना सिखा दिया। तब से जब भी उन्हें देखने का मन होता है, उन्हें वीडियो कॉल कर के जी भर देखने के साथ ही अपने सुख-दुख भी बांट लेते हैं।
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रेनू चौरसिया
- फोटो : अमर उजाला
अस्सी निवासी 53 वर्षीय रेनू चौरसिया कहती हैं कि मेरे पास पहले सामान्य फोन था, लेकिन कुछ दिन पहले मुझे लगा कि जमाने के साथ खुद को बदलना जरूरी है। खुद को अपडेट करने के लिए मैंने एंड्रॉएड फोन इस्तेमाल करना शुरू किया। सेल्फी लेने से लेकर व्हाट्सएप पर रिश्तेदारों से बात करने में अब मजा आने लगा है। वहीं जो रिश्तेदार दूर हैं, उन्हें वीडियो कॉलिंग के जरिए पर्व त्योहार और किसी खास दिन बधाई भी दे देती हूं।
सोनापुरा निवासी 57 वर्षीय मालती कहती हैं कि पहले छोटा मोबाइल था। बच्चों ने सितंबर में टच स्क्रीन हैंडसेट गिफ्ट कर दिया। पहले लगा कि इसका क्या इस्तेमाल करुं, लेकिन अब इसे छोड़ नहीं पाती। अपने नए-पुराने सारे दोस्तों का व्हाट्सएप पर ग्रुप बना लिया है। बच्चों से वीडियो चैट करने में तो पूरा मजा आता है। शादी पार्टी में यादगार पलों को फेसबुक पर शेयर कर अपने दोस्तों को टैग करती हूं।