तीन घंटे की बारिश ने नगर निगम की पोल खोलकर रख दी है। शहर के कई मोहल्लों में सीवर चोक होने के कारण नाले का गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। शहर में सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। ड्रेनेज व्यवस्था में खामियों के कारण नाले चोक हो गए। कई मोहल्लों में दुकानों में भी पानी भर गया। नतीजा यह हुआ कि दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। साकेत नगर इलाके सहित कई क्षेत्रों में सड़कें भी धंस गईं। इससे आवागमन तो बाधित हुआ ही दुघर्टना की आशंका भी बनी हुई है।
नगर निगम की लापरवाही के चलते शहरवासियों को बारिश का दंश झेलना पड़ रहा है। बारिश के पानी को निकालने के लिए शहर में 72 नालों के साथ ही सड़कों के किनारे नालियां बनी हैं। इसके बाद भी तीन घंटे की बारिश ने पूरे शहर को गंदे पानी से लबालब कर दिया। इस जल जमाव ने नगर निगम के सारे दावों को फेल कर दिया। कई इलाकों में नगर निगम ने सीवर लाइन में ही ड्रेनेज सिस्टम को भी जोड़ दिया है। सीवर लाइन की क्षमता कम होने के चलते बारिश का पानी ओवरफ्लो करने लगा है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
इन इलाकों में हुआ है जलजमाव :
रवींद्रपुरी, भेलूपुर, रथयात्रा, लक्सा, कैंट स्टेशन, छित्तुपुर, सिगरा, गोदौलिया, मैदागिन, कोनिया, अंधरापुल, विजईपुरा, चौकाघाट, लंका, बजरडीहा, गिरजाघर, नई सड़क, दालमंडी, बड़ी गैबी, महमूरगंज सहित कई इलाके शामिल हैं।
जलजमाव के कारण घरों में कैद हुए लोग :
बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव के कारण लोग अपने घरों में कैद होने का विवश हो गए। छोहरा, जलालीपुरा, नक्खी घाट, हनुमान फाटक और पीलीकोठी इलाके में घरों के बाहर घुटने भर पानी भरा हुआ है। सोमवार को दिन में हुई बारिश ने लोगों की दुश्वारियां और बढ़ा दी। छोहरा इलाके में रहने वाले इम्तियाज अंसारी, जीशान कुरैशी, अहमद, बाबू, सरफराज ने बताया कि इलाके में जल निकासी की समुचित व्यवस्था ना होने के कारण बरसात के दिनों में जलजमाव हो जाता है।
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- फोटो : water logging road varanasi
स्थिति ऐसी है कि लोगों का घरों से निकल पाना भी मुश्किल है। वहीं गंदे पानी के ठहराव के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। उधर हनुमान फाटक और पीलीकोठी इलाके में भी जलनिकासी ना होने के कारण घुटने भर पानी लगा हुआ है।