अन्य वर्षों के मुकाबले इस बार काशी की देव दीपावली खास रही, क्योंकि इस बार देश के प्रधानमंत्री और बनारस के सांसद नरेंद्र मोदी खुद शामिल हुए थे। उन्होंने क्रूज में सवार होकर गंगा के घाटों की खूबसूरती को निहारा था। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। देखें अगली स्लाइड्स...।
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राजघाट पर पीएम मोदी ने जलाया था पहला दीया।
- फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जो वाराणसी की देव दीपावली में शामिल हुए थे। इनसे पहले किसी ने भी प्रधानमंत्री रहते हुए काशी की देव दीपावली नहीं देखी थी। पीएम मोदी ने राजघाट पर सबसे पहला दीया जलाया था, उसके बाद काशी के गंगा घाट दीयो और लाइट की रोशनी से जगमग हो उठे थे।
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क्रूज पर सवार होकर देव दीपावली देखते पीएम मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक घंटा क्रूज पर सवार होकर निहारी घाटों की छठा
पीएम मोदी ने करीब एक घंटे तक क्रूज पर सवार होकर घाटों की छठा निहारी थी। उन्होंने चेतसिंह घाट पर 10 मिनट रुककर लेजर शो को भी देखा था। प्रधानमंत्री इस बार की देव दीपावाली देखकर अभिभूत हो गए थे।
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मंदिर में पूजा करते पीएम मोदी।
- फोटो : ANi
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन
खजुरी में जनसभा को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी और सीएम हेलीकॉप्टर से डोमरी पहुंचे थे। डोमरी पहुंचने के बाद क्रूज पर सवार होकर ललिता घाट पहुंचे। यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम का भी निरीक्षण किया था।
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कॉरिडोर के स्तंभ को देखते पीएम मोदी।
- फोटो : ANI
ऐसा है पीएम मोदी का सपना
55 हजार वर्गफुट में बाबा विश्वनाथ धाम बनाया जा रहा है। पीएम मोदी का सपना है कि गंगा में स्नान करने के बाद श्रद्धालु सीधे मंदिर तक पहुंच सकें, साथ ही स्नान करने के दौरान मंदिर का शिखर भक्तों को दिखे। अगस्त 2021 तक इस कॉरिडोर को पूरा बनाने का लक्ष्य रखा गया है।