उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 'सबका साथ, सबका विकास' करने के लिए सत्ता में आने के साथ ही कई बड़े फैसलों की झड़ी लगा दी। योगी सरकार के कई फैसलों की जहां प्रशंसा हो रही है वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनकी वजह से उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। आगे की स्लाइड में जानें योगी के विवादित फैसले-
इन पांच फैसलों के कारण विवादों में आए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ
रोमियो स्क्वाड
योगी सरकार ने सत्ता में आने के साथ ही बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया। यूपी पुलिस सूबे के कालेजों के आसपास लड़कियों के साथ छेड़खानी करने वाले मनचलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने लगी। इस दल की कार्रवाई पर तब सवाल उठने लगे जब कई प्रेमी जोड़ों को जबरन पकड़ कर पुलिस पीट देती या उनके साथ दुर्व्यवहार करती। इतना ही नहीं पुलिस इन जोड़ों को पकड़कर सिर मुंडवा देती। इसके बाद सरकार के इस फैसले का तीखा विरोध होना शुरू हो गया। इसको देखते सीएम योगी को निर्देश देना पड़ा कि पुलिस सही लोगों को परेशान न करे।
अवैध बूचड़खाने
सत्ता संभालने के साथ ही योगी सरकार ने अवैध बूचड़खानों को बंद कराने का फैसला किया। इस फैसले के कारण योगी सरकार की कड़ी आलोचना हुई। अवैध बूचड़खानों के बंद होने से कई लोगों का रोजगार छिन गया वहीं लोगों को खाने के लिए मीट मिलना बंद हो गया। लखनऊ के मशहूर टुंडे कबाब दुकान को मांस की कमी के कारण कई दिनों के लिए बंद करना पड़ा। बाद में सरकार ने कहा कि लोग लाइसेंस लेकर मीट का कारोबार कर सकते हैं।
नीली बत्ती बंद करना
यूपी में नीली बत्ती हटाकर वीआईपी कल्चर को खत्म करने के सीएम योगी के आदेश के खिलाफ प्रदेश के पीसीएस अधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। सूबे के पीसीएस अधिकारियों ने प्रदेश के सरकार के इस आदेश के खिलाफ पत्र लिखकर अपना कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों पर संपूर्ण क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, जिसके कारण राजस्व अधिकारियों को 24 घंटे क्षेत्र में धरना, आपदा, प्रदर्शन, आंदोलन, दंगे एवं शांति भंग की स्थितियों में दिन रात भ्रमण कर पुलिस अधिकारियों के साथ काम करना पड़ता है। ऐसे में नीली बत्ती को बंद करना उचित नहीं है।
स्वच्छता शपथ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरकार के वरिष्ठ नौकरशाहों को निर्देश दिया है कि वे स्वच्छता शपथ लें और एक साल में राज्य में कम से कम 100 घंटे तक स्वच्छता अभियान चलाएं। योगी ने लखनऊ के एक थाने का दौरा कर वहां व्याप्त गंदगी पर अफसरों का लताड़ लगाई थी। योगी के इस फैसले के बाद कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने दबी जुबान से ही सही तीखा विरोध किया था। उनका कहना था कि थाने की सफाई के लिए उन्होंने वर्दी पहनी है।