संत रविदास की जयंती सीरगोवर्धन में उनकी जन्मस्थली पर 27 फरवरी को मनाई जाएगी। हर वर्ष देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में रैदासी यहां माथा टेकने पहुंचते हैं। उधर, सीर गोवर्धनपुर में दुकानें जिस तरह सजकर तैयार हो गई हैं, उससे पंजाब के बेगमपुर जैसा नजारा दिख रहा है। अब यहां लंगर भी शुरू हो गया है। संगत और सेवादारों के आने का सिलसिला जारी रहा।
तस्वीरें: सीरगोवर्धनपुर अब बन गया मिनी पंजाब, पंडालों में गुरु की आराधना शुरू, काशी में रैदासियों का डेरा
संत रविदास जयंती पर 27 को बीएचयू में निकलेगी शोभायात्रा
संत रविदास की जयंती पर बीएचयू में 26 और 27 फरवरी को कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें 26 फरवरी को संगोष्ठी के बाद 27 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम और उसी दिन शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। मैत्री जलपान गृह में प्रेस कांफ्रेंस में बीएचयू में ओबीसी, एससी, एसटी अल्पसंख्यक संघर्ष समिति और एससी, एसटी छात्र कार्यक्रम आयोजन समिति से जुड़े रविंद्र भारती ने बताया कि आईएमएस बीएचयू के केएन उडप्पा सभागार में कराए जाने वाले आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
हवाई मार्ग से आज आएंगे संत निरंजन दास
कोरोना संकट को देखते हुए स्पेशल ट्रेन बेगमपुरा कैंसिल कर दी गई है। रविदासिया धर्म प्रमुख संत निरंजन दास समेत प्रमुख संतों को लेकर जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा में हवाई मार्ग से बनारस पहुंचेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से वह मंदिर आएंगे। संत निरंजन दास के सीर पहुंचते ही मेला गुलजार हो जाएगा। कोरोना काल को देखते हुए संत निरंजन दास की सुरक्षा को देखते हुए ट्रस्ट के लोगों ने हवाई मार्ग से आने का निर्णय लिया है। देर रात तक सड़क मार्ग से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर प्रबंधन मंदिर, पंडाल और सत्संग स्थल को लगातार सैनिटाइज करेंगे। श्रद्धालुओं से बिस्तर साथ लाने की अपील की गई है क्योंकि पहले की तरह एक साथ गद्दा नहीं लगेगा। टेंट में रहने वाले मानक का ख्याल रखेंगे। मंदिर मैनेजर निर्मल सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के आदेशानुसार सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था प्रशासन स्तर से कराई जा रही है।
27 को आएंगे पूर्व सीएम अखिलेश यादव
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 27 फरवरी को संत रविदास मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री पहली बार संत रविदास मंदिर पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले सर्व समाज को साधने की यह अखिलेश यादव की काशी से शुरुआत है।