शिव के सबसे प्रिय मास सावन में देश और दुनिया से शिवभक्त काशी में जलाभिषेक के लिए आएंगे। महज दो दिन बाद सावन महीना शुरू हो जाएगा, मगर अब तक प्रशासन की तैयारी ही अधूरी है। अब तक शिव भक्तों की सुविधाओं का ख्याल नहीं रखा गया है। मूलभूत तैयारियां आधी अधूरी हैं। यही हाल रहा तो श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मंडुवाडीह तक भक्तों को दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी।
मंदिर से बांसफाटक मार्ग पर गंदगी और मलबा पड़ा है। एक तरफ की सड़क क्षतिग्रस्त है। साफ-सफाई भी बेहतर नहीं है। जबकि पिछले दिनों कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सभी तैयारियों को मुकम्मल कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक उनके निर्देश पर अमल नहीं हुआ है। गोदौलिया से मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग का काम शुरू हो गया है।
गोदौलिया, गिरजाघर, रथयात्रा, महमूरगंज, मंडुवाडीह के पास सीवर बह रहा है। जिसे अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है। कई जगहों पर बिजली के लटकते तार खतरा बने हुए हैं। थोड़ी-थोड़ी दूरी पर सड़क किनारे मलबा जमा है। जिसे हटवाने के प्रति नगर निगम उदासीन बना हुआ है। कई जगहों पर सड़कों पर बने गड्ढों में बरसाती पानी जमा है। मंडुवाडीह से मंदिर मार्ग पर भक्तों की आवाजाही अधिक रहती है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
2 of 7
गोदौलिया से मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग का काम शुरू
- फोटो : अमर उजाला
पीडब्ल्यूडी ने भी कोई तैयारी नहीं की है। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने कहा कि सावन शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं मुकम्मल हो जाएंगी। साफ सफाई के लिए विशेष टीम लगा दी गई है। जो रविवार से सावन के सोमवार तक नियमित सफाई करेगी।
3 of 7
सड़क पर ही सीवर और बरसात का पानी
- फोटो : अमर उजाला
शहर में प्रवेश से लेकर मंदिर के आसपास की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने वाले मार्ग पर गोदौलिया के पास सड़क पर ही सीवर बह रहा है। उधर, तिलभांडेश्वर और केदारघाट पर मंदिर के बाहर ही कूड़े का ढेर लगा है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए कांवड़ यात्रा को प्रतीकात्मक किया गया है। मगर, माना जा रहा है कि शिवभक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार अलग-अलग माध्यमों से काशी आएंगे। मगर, प्रशासन ने सावन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोई खास तैयारी अब तक नहीं की है।
4 of 7
सड़कों की भी मरम्मत पर ध्यान नहीं
- फोटो : अमर उजाला
शहर में प्रवेश करने वाले मार्ग मड़ौली से मंडुवाडीह का रास्ता बहुत ही खराब स्थिति में है। बारिश के चलते सड़क के दोनों किनारों पर जगह-जगह पानी जमा है। इसके साथ ही टूटी सड़कों पर वाहन से चलना मुश्किल है, ऐसे में पैदल चलने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। ऐसा ही हाल गोदौलिया से काशी विश्वनाथ मंदिर तक की सड़क भी कई जगहों पर टूटी हैं।
5 of 7
रास्ते में बह रहा सीवर
- फोटो : अमर उजाला
गोदौलिया चौराहे से आगे मारवाड़ी हिन्दू अस्पताल के पास सड़क पर सीवर बह रहा है। गोदौलिया से काशी विश्वनाथ मंदिर तक नो व्हीकल जोन होने के कारण लोगों को पैदल ही जाना होता है। मंगलवार को मंदिर जाने वाले भक्त सीवर के पानी से ही गुजर कर मंदिर तक पहुंच सके।