काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 17 दिसंबर से शुरू होने वाले ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव’ में सांस्कृतिक छटा बिखरने लगी है। झारखंड से लेकर नागपुर और महाराष्ट्र से उड़ीसा तक की पारंपरिक कलाओं का पुट विश्वविद्यालय में नजर आने लगा है। संस्कृति मंत्रालय की ओर से बीएचयू व अस्सी घाट पर होने जा रहे ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव’ की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। महोत्सव के शुरू होने में अब सिर्फ एक दिन का वक्त रह गया है।
संस्कृति महोत्सव के रंग में रंगा बीएचयू
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देश के अलग अलग कोने से आए कलाकारों ने महोत्सव में रंग भरने की जिम्मेदारी संभाल ली है। सिंह द्वार से लेकर पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह और स्वतंत्रता भवन को सजाने संवारने का काम शुरू हो गया है।
सिंह द्वार से लेकर पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह और स्वतंत्रता भवन को सजाने संवारने का काम शुरू हो गया है। इस महोत्सव के दौरान पूरा परिसर देश की अलग अलग संस्कृतियों, लोक कलाओं और धरोहरों से रूबरू कराएगा।
गुरुवार से बीएचयू में अब डेकोरेशन का काम शुरू हो गया है और इसकी जिम्मेदारी देश के अलग विशेषज्ञ कलाकारों को दी गई है। स्वतंत्रता भवन में साज सज्जा का काम झारखंड, बिहार व उड़ीसा के कलाकार कर रहे हैं। स्वतंत्रता भवन के बाहर पिपिली चंदुआ और एप्लिक क्राफ्ट से उसकी सजावट की जा रही है।
कंदील, लैंप शेड और छतरियों से पूरे स्वतंत्रता भवन को सजाया गया है। उधर संगीत एवं मंच कला संकाय के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में नागपुर के कलाकार नीमो आर्ट से बाहर और अंदर की सजावट कर रहे हैं। महाराष्ट्र के कलाकार पोट्रेट रंगोली से परिसर के कोने कोने को सजाएंगे।