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शहीद के गांव से उठी आवाज, 'मोदी जी विकास रोक दो, पहले आतंकवादियों को ठोक दो'

Mon, 18 Feb 2019 10:16 AM IST
अभिषेक त्यागी न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: अभिषेक त्यागी Updated Mon, 18 Feb 2019 10:16 AM IST
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Pulwama terrorist attack martyr ramesh yadav varanasi
- फोटो : amar ujala
‘न इंतजार करो उनका ए अजा-दारो, शहीद जाते हैं जन्नत को घर नहीं आते...।’ सीआरपीएफ की 61वीं बटालियन के वीर जवान रमेश यादव की शहादत को लेकर तोफापुर में उनके परिजनों और इलाके के लोगों के आंसुओं से भरे गुमसुम चेहरे शुक्रवार को कुछ ऐसी ही बातें कहते दिखे। शहीद रमेश के गांव से जनसैलाब उनके घर तक पहुंचा। देखें तस्वीरें आगे की स्लाइड्स में...

Pulwama terrorist attack martyr ramesh yadav varanasi
- फोटो : amar ujala

रमेश की शहादत की सूचना मिलने के बाद गुरुवार रात से ही पत्नी रेनू की हालत बेसुधों जैसी थी। रेनू जब भी संयत हो रही थी तो कह रहीं थीं कि उनको अपने पति की शहादत पर गर्व है। उनके पति ने अच्छे कर्म किए थे, जिसके चलते वो अमर शहीद कहलाए। मैं धन्यभाग्य हूं जो उनकी जीवनसंगिनी बनने का सौभाग्य मिला। उनकी यादों और वीरता के किस्से के सहारे ये जीवन आसानी से कट जाएगा। 

Pulwama terrorist attack martyr ramesh yadav varanasi
- फोटो : amar ujala

रेनू रोते हुए बोली बेटे को बताऊंगी कि उसके पिता कितने जांबाज थे और कहूंगी कि उन्हीं के जैसा मातृभूमि का सेवक बनना। इस बीच डेढ़ साल के मासूम बेटे आयुष के चेहरे की तरफ जब भी रेनू का ध्यान जाता वो बिलखने लग जा रहीं थीं। वहीं, रमेश की मां राजमती देवी का कहना था कि कलेजे के टुकड़े के साथ क्या हो गया, समझ नहीं पा रही हूं...। सब कहते हैं कि बेटा देश पर न्योछावर हो गया... अमर हो गया... मैंने उसे जन्म दिया है... कैसे खुद को समझाऊं कि मेरा लाल अब मुझे कभी मां नहीं कहेगा...। 

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Pulwama terrorist attack martyr ramesh yadav varanasi
- फोटो : amar ujala

आंसुओं की धार को अपनी साड़ी के आंचल से लगातार पोंछते हुए रेनू को ढांढस बंधा रही राजमती ने कहा कि रमेश पर उनको गर्व था... और सदैव रहेगा...। वहीं, ग्रामीणों के बीच घिरे पिता श्यामनारायण यादव रोकर अपना दुख भी नहीं जाहिर कर पा रहे थे। श्यामनारायण ने कहा कि मुझसे बड़ा दुर्भाग्यशाली कौन होगा जो अपने बेटे की अर्थी को कंधा देगा...। हालांकि मुझसे ज्यादा गौरवशाली बाप भी कोई नहीं जिसका बेटा मातृभूमि के काम आया और अमर शहीद हो गया...।

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Pulwama terrorist attack martyr ramesh yadav varanasi
- फोटो : amar ujala

वहीं, जिसने सुना वही रमेश के घर की और चल पड़ा। महादेव पीजी कॉलेज चिरयीगांव के 500 से अधिक बच्चे राष्ट्रध्वज लेकर शहीद रमेश के घर पहुंचे। उनके हाथों में तख्तियां थी, जिसमें लिखा था 'मोदी जी विकास रोक दो, पहले आतंकवादियों को ठोक दो'। बच्चों ने पाकिस्तान से बदला लेने के लिए जमकर नारेबाजी की और 'रमेश यादव अमर रहें' के नारे भी लगाए।

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