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इस छात्रा ने महान विभूतियों के नाम लिखकर बनाया विश्व रिकार्ड, तस्वीरें देख आप भी कहेंगे वाह

Mon, 18 Feb 2019 10:15 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: Sayali Maurya Updated Mon, 18 Feb 2019 10:15 AM IST
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Kashi vidyapith student make world record in varanasi
- फोटो : amar ujala

जिंदगी में कुछ अलग करने का जज्बा हो तो इंसान अपनी एक अलग पहचान बना ही लेता है। कुछ ऐसा कर दिखाया है काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग की छात्रा शालिनी सिंह ने। उन्होंने ऐसा काम किया है कि एक नया विश्व रिकार्ड बना गया है। देखें तस्वीरें आगे की स्लाइड्स में...

Kashi vidyapith student make world record in varanasi
- फोटो : amar ujala

भारत की 551 महान विभूतियों के नाम छोटे-छोटे मोतियों से लिखकर विश्व रिकार्ड अपने नाम किया। विश्व रिकॉर्ड बनाने के साथ ही शालिनी ने भारत की 551 विभूतियों के अतुल्य योगदानों के बारे में समाज के लोगों को अवगत कराने की कोशिश की है। मोतियों से नाम लिखने के लिए शालिनी ने 12×18 इंच का 551 पेपर इस्तेमाल किये थे।

Kashi vidyapith student make world record in varanasi
- फोटो : amar ujala

मोतियों से नाम लिखने के बाद नीचे मार्कर पेन से उन महान विभूतियों के कार्य क्षेत्र के बारे में संक्षेप में लिखा गया है ताकि देखने वाले लोगों को उन महान विभूतियों के कार्यक्षेत्र की जानकारी हो सके। पहले 551 भारत की महान विभूतियों का चयन किया फिर करीब 24 किलो मोती से यह पूरा हुआ। 

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Kashi vidyapith student make world record in varanasi
- फोटो : amar ujala

तीन महीने में शालिनी ने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया। वर्ल्ड रिकार्ड्स इंडिया के प्रतिनिधि ने शालिनी के घर आकर प्रोजेक्ट को देखा।  29 जनवरी को रिकॉर्ड की पुष्टि कर दी गई। ललित कला विभागाध्यक्षा प्रो. मंजुला चतुर्वेदी एवं दो-दो बार विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली छात्रा नेहा सिंह ने शालिनी को मेडल और प्रमाणपत्र दिया। 

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Kashi vidyapith student make world record in varanasi
- फोटो : amar ujala

शालिनी ने बताया कि जब अपने मेरी सीनियर नेहा सिंह ने दो बार विश्व रिकार्ड बनाया तभी से कुछ अलग करना चाहती थी। नेहा सिंह से मार्गदर्शन लेकर विश्व रिकार्ड के लिए प्रयास शुरू किया।  मेरी इस कामयाबी का पूरा श्रेय नेहा दीदी को ही जाती है। शालिनी को शुक्रवार को विभाग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र और मेडल दिया गया। 

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