वाराणसी में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शहीद ए आजम भगत सिंह की जयंती पर निजीकरण का विरोध जताया गया। कर्मचारियों ने मशाल जुलूस भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय से निकाला। देखें अगली स्लाइड्स...।
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निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का मशाल जुलूस।
- फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान जूनियर इंजीनियर और अभियंताओं ने सार्वजनिक क्षेत्र को बचाने का संकल्प लिया। हाथ में मशाल एवं नारों की तख्तियां, जिसमें निजीकरण वापस लो, जनता को सस्ती बिजली दो, सत्ता में कुछ लाभ कमाने को-बेच रहा बेईमानों को, मुख्यमंत्री न्याय करो आदि लिखा था।
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निजीकरण का विरोध करते बिजली कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला।
मशाल जुलूस ककरमता, नेवादा, सुंदरपुर, नरिया होते हुए पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा बीएचयू गेट के सामने लंका पहुंचा। इसके पूर्व कर्मचारियों ने एमडी कार्यालय के बाहर एक घंटे की विरोध सभा की। पदाधिकारियों ने बताया कि बिजली कर्मी मंगलवार से दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार करेंगे।
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निजीकरण के विरोध में मशाल जुलूस।
- फोटो : अमर उजाला।
ज्ञापन दो अभियान के तहत सुबह ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर पटेल एवं विधान परिषद के सदस्य केदारनाथ सिंह को भी ज्ञापन दिया। आंदोलन को लेखा संघ ने अपना समर्थन दिया। प्रदर्शन करने वालों में अंकुर पांडेय, चंद्रशेखर चौरसिया, सुनील यादव, डॉ आरबी सिंह, आरके वाही, मायाशंकर तिवारी, शशिकिरण मौर्य, फरिंद्र राय, जगदीश पटेल, संजय भारती आदि शामिल रहे।