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PHOTOS: दो माह बाद बनारस में फिर गरजी पुलिस की बंदूक, 25 हजार के इनामी बदमाश को दबोचा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:07 AM IST
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सिंहपुर गांव के लोग तरह-तरह की आशंकाओं से घिरे थे। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस वाहनों को उधर जाते हुए देखा था। कुछ लोगों ने सोचा कि कहीं गोली उन्हें न लग जाय, इसलिए घरों में बंद हो गये। जबकि कुछ लोग यह जानने के लिए बेताब थे कि आखिर हुआ क्या है? सादे वेश और वर्दी में पुलिसकर्मी इधर-उधर भाग रहे थे। अचानक एक व्यक्ति के चीखने की आवाज आई। गोलियां की तड़तड़ाहट बंद हुई तो उन्हें पता चला कि पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हो रही थी। गोलीबारी में एक बदमाश घायल हो गया जबकि उसका साथी अंधेरे का पायदा उठाकर फरार हो गया।
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बदमाशों ने क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह के सीने को लक्ष्य कर गोली चलाई थी लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहनने के कारण वह बच गए। फरार दीपक की तलाश में पुलिस की कांबिंग जारी है। वाराणसी के मध्यमेश्वर निवासी रामबाबू कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट सहित अन्य आरोपों में बनारस और आजमगढ़ में 25 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, लक्सा निवासी दीपक पर 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। दोनों एक व्यापारी को लूटने के लिए घात लगाकर बैठे थे।
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एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि दो बदमाशों की मौजूदगी की सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी अपनी टीम के साथ सारनाथ इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र को सूचना देते हुए वहां पहुंचे। घेरेबंदी देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी तो पुलिस ने कार्रवाई की। 28 से 30 राउंड हुई फायरिंग के बीच एक बदमाश भाग निकला जबकि बाएं पैर में गोली लगने के कारण रामबाबू पकड़ा गया।
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हिस्ट्रीशीटर रामबाबू यादव वर्ष 2010 में मुठभेड़ में मारा गया मुन्ना बजरंगी गिरोह का शूटर बाबू यादव का भांजा है। रामबाबू का छोटा भाई श्याम बाबू करीब 13 साल पहले भाजपा नेता दयाशंकर मिश्रा के ऊपर जानलेवा हमले के दौरान क्रास फायरिंग में मारा गया था। भाई की मौत के बाद रामबाबू पूरी तरह जरायम की दुनिया में उतर आया। फिर रईस बनारसी और सनी सिंह की शागिर्दी में कुख्यात हो गया।